NDTV Khabar

राहुल गांधी बोले- अंतिम सांस तक महात्मा गांधी के विचारों की रक्षा का संकल्प लें

राहुल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकांउट पर लिखा, बापू को उनके जन्मदिन पर याद करते हुए, अपनी अंतिस सांस तक उनके आदर्शों एवं विचारों की रक्षा तथा बचाव करने का संकल्प लें.

2.1K Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
राहुल गांधी बोले- अंतिम सांस तक महात्मा गांधी के विचारों की रक्षा का संकल्प लें

राहुल गांधी ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

खास बातें

  1. महात्मा गांधी के विचारों की रक्षा का संकल्प लें
  2. राहुल ने गांधी जयंती पर सभी से प्रण लेने की अपील की
  3. राहुल ने लाल बहादुर शास्त्री को भी किया याद
नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 148वीं जयंती पर लोगों से उनके आदर्शों एवं विचारों की रक्षा करने का संकल्प लेने की अपील की. राहुल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकांउट पर लिखा, बापू को उनके जन्मदिन पर याद करते हुए, अपनी अंतिस सांस तक उनके आदर्शों एवं विचारों की रक्षा तथा बचाव करने का संकल्प लें. गुजरात के पोरबंदर में 2 अक्तूबर 1869 में जन्मे मोहनदास करमचन्द गांधी को महात्मा नाम गुरुदेव रविन्द्र नाथ ठाकुर ने दिया. वहीं सुभाष चन्द्र बोस ने उन्हें राष्ट्रपिता का खिताब दिया. महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्तूबर को दुनियाभर में ‘विश्व अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. राहुल ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी उन्होंने लिखा, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि.

Gandhi Jayanti 2017: बापू को इसलिए जानते हैं दुनियाभर के लोग, आज भी कम नहीं हुई महानता

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांधी जयंती के अवसर पर बापू को शत-शत नमन करते हुए लोगों से ग्राम स्वराज के उनके सपने को मिलकर पूरा करने की अपील की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया है, गांधी जयंती पर बापू को शत-शत नमन. उनके महान विचारों ने दुनिया में लाखों लोगों को प्रभावित किया है. अपने ट्वीट के साथ पीएम मोदी ने एक ऑडियो-वीडियो संदेश भी साझा किया है. संदेश में उन्होंने कहा है, 2 अक्तूबर को पोरबंदर की धरती पर एक युग का जन्म हुआ था. वे किसी देश की सीमाओं में समाहित होने वाला व्यक्तित्व नहीं थे, वह एक विश्व मानव थे. महात्मा गांधी आज भी दुनिया के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने वह अपने जीवन काल में थे. ऐसा उनका व्यक्तित्व दुनिया के लिए एक अजूबा है. (इनपुट्स भाषा)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement