कांग्रेस में विलय को लेकर BSP MLAs की याचिका के साथ ही BJP MLA की अर्ज़ी पर कल होगी SC में सुनवाई

दिलावर ने बसपा विधायकों की वोटिंग पर रोक की मांग की है, वहीं बसपा के 6 विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित मामले को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने की मांग की है.

कांग्रेस में विलय को लेकर BSP MLAs की याचिका के साथ ही BJP MLA की अर्ज़ी पर कल होगी SC में सुनवाई

अशोक गहलोत सरकार के आग्रह पर 14 अगस्त को राजस्थान विधानसभा सत्र बुलाया गया है.

खास बातें

  • बीजेपी विधायक दिलावर ने हाईकोर्ट के आदेश की दी है चुनौती
  • हाईकोर्ट डिवीजन बेंच में मामला सिंगल बेंच के पास भेजा था
  • कांग्रेस में विलय करने वाले BSP विधायकों ने भी याचिका दाखिल की है

राजस्थान के बसपा विधायकों का काँग्रेस में विलय के मामले में BJP विधायक मदन सिंह दिलावर ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.याचिका में दिलावर ने हाईकोर्ट ने उस आदेश को चुनोती दी है जिसमें हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दिलावर की याचिका का निस्तारण करते हुए सिंगल बेंच के समक्ष भेज दिया था. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बसपा विधायकों के वोटिंग पर रोक लगाने से तुरंत रोक लगाने से इंकार करते हुए मामले को सिंगल बेंच के समक्ष भेज दिया था. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि 11 अगस्त को सिंगल बेंच ये तय करेगी कि बसपा विधायकों की वोटिंग पर रोक लगाई जाए या नहीं.इसी आदेश को दिलावर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी है.

गहलोत ने मोदी सरकार की नीतियों पर साधा निशाना, कहा-ये विनाशकारी साबित हुईं

दिलावर ने बसपा विधायकों की वोटिंग पर रोक की मांग की है, वहीं बसपा के 6 विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित मामले को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने की मांग की है. जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच सुनवाई करेगी.राजस्थान हाईकोर्ट में 11 अगस्त को सुनवाई होनी है.बीजेपी विधायक दिलावर सिंह और बसपा ने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर बसपा के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय असंवैधानिक बताया है. मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने अपील पर बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी किया था,लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया. उनके वकील कपिल सिब्बल ने अदालत में दलील दी थी कि खंडपीठ में अपील विचार करने योग्य नहीं है.

सिब्बल ने यह भी कहा कि किसी भी विधायक को नोटिस दिए जाने के लिए विधानसभाध्यक्ष कार्यालय का इस्तेमाल डाकघर के रूप में नहीं किया जा सकता है. इस पर पीठ ने जैसलमेर के जिला न्यायाधीश के माध्यम से नोटिस भेजने और उन्हें जैसलमेर और बाड़मेर के दो समाचार पत्रों में प्रकाशित करने का निर्देश दिया. पीठ ने कहा कि एकल पीठ 11 अगस्त को भाजपा और बसपा की अपील पर सुनवाई करेगी.14 अगस्त को राजस्थान विधानसभा सत्र बुलाया गया है.

Newsbeep

अशोक गहलोत बोले, सत्र की तारीख आते ही हार्स ट्रेडिंग शुरू

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com