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राजनाथ सिंह ने कहा- रोहिंग्या शरणार्थी नहीं, अवैध प्रवासी, इस सच्चाई को समझें

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी नहीं है और ना ही उन्होंने शरण ली है, वे अवैध प्रवासी हैं.

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राजनाथ सिंह ने कहा- रोहिंग्या शरणार्थी नहीं, अवैध प्रवासी, इस सच्चाई को समझें

राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या मुसलमानों पर दिया सख्त बयान

नई दिल्ली: रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह सख्त बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि रोहिंग्या मानवाधिकार का मामला नहीं है. रोहिंग्या शरणार्थी नहीं, अवैध प्रवासी हैं. इन्हें कभी भी वापस भेजा जा सकता है. म्यांमार रोहिंग्या को वापस लेने को तैयार है तो फिर उन्हें वापस भेजने का इतना विरोध क्यों हो रहा है. 

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ANI के मुताबिक- गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी नहीं है और ना ही उन्होंने शरण ली है, वे अवैध प्रवासी हैं. मानवाधिकार का हवाला देकर अवैध घुसपैठियों को शरणार्थी बताने की गलती नहीं की जानी चाहिए. म्यांमार से भारत में घुस आए रोहिंग्या शरणार्थी नहीं हैं, इस सच्चाई को हमें समझना चाहिए. शरणार्थी का स्टेटस प्राप्त करने के लिए एक प्रक्रिया होती है और इनमें से किसी ने उसे फॉलो नहीं किया है.

उधर, रोहिंग्या मामले को लेकर आंग सान सू की पर विश्व नेताओं का दबाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान कई नेताओं ने म्यामां में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ सैन्य अभियान को ‘नस्ली संहार’ करार दिया है. गौरतलब है कि म्यामां की असैन्य सरकार की मुखिया सू की ने इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से धैर्य रखने की गुहार लगाई थी.

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संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए कई नेताओं ने रोहिंग्या मामले को उठाया. फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा, सैन्य अभियान रुकना चाहिए, मानवीय मदद की गारंटी मिलनी चाहिए और कानून का राज बहाल होना चाहिए. हमें जो जानकारी है उसके मुताबिक यह नस्ली संहार है. अमेरिका म्यामां की असैन्य सरकार को जिम्मेदार ठहराने के संदर्भ में बहुत सावधान रहा है। विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने सू की से बात की. टिलरसन के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री ने मानवाधिकारों के हनन को लेकर कार्रवाई करने के सू की के संकल्प का स्वागत किया और साथ ही सरकार एवं सेना से कहा कि वे उत्पीड़न को रोकें.


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