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पीएम मोदी सरकार की गुलाबी तस्वीर पेश करने के लिए आंकड़ों में कर रहे हैं हेरफेर: येचुरी

माकपा महासचिव जीएसटी पर मोदी सरकार के फैसले को तथ्यात्मक कम, भावनात्मक ज्यादा बताया.

पीएम मोदी सरकार की गुलाबी तस्वीर पेश करने के लिए आंकड़ों में कर रहे हैं हेरफेर: येचुरी

खास बातें

  • माकपा महासचिव ने मोदी सरकार को घेरा
  • हिटलर के प्रचार मंत्री से की पीएम मोदी की तुलना
  • आंकड़ों में हेरफेर करने का लगाया आरोप
नई दिल्ली:

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार की उपलब्धियों की गुलाबी तस्वीर पेश करने के लिये आंकड़ों में हेरफेर का सहारा ले रहे हैं. येचुरी ने दावा किया कि मोदी की यह घोषणा कि 99 फीसद वस्तुओं पर 18 प्रतिशत से कम जीएसटी लगेगा, असल में तथ्यात्मक कम और भावनात्मक ज्यादा है क्योंकि 97 फीसद वस्तुएं या सेवाएं पहले से ही 18 प्रतिशत या उससे कम जीएसटी दर के दायरे में हैं.  

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उन्होंने जर्मनी में नाजी शासन के दौरान हिटलर के प्रचार मंत्री से प्रधानमंत्री की तुलना करते हुए कहा, ''मोदी द्वारा अपनाए गए तरीके गोएबल्स से भी आगे हैं.'' माकपा द्वारा यहां आयोजित कार्ल मार्क्स की 200वीं जयंती समारोह से जुड़े कार्यक्रम में येचुरी ने कहा, ''तथ्यों को विकृत करने के लिये आंकड़ों से छेड़छाड़ की जा रही है।'' उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐसे हेरफेर का सहारा ले रहे हैं जो उनके हितों के अनुरुप हों और एनडीए सरकार की उपलब्धियों की गुलाबी तस्वीर पेश करे, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है. 

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3 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर बात करते हुए येचुरी ने कहा, ''विधानसभा चुनाव के नतीजे से जाहिर है कि जनता में असंतोष है. यह असंतोष अगले लोकसभा चुनाव तक समाप्त नहीं होने वाला है. लोग सरकार बदलने के लिए वोट करेंगे. हमारी रणनीति होगी कि प्रभावशाली क्षेत्रीय ताकतों के साथ समन्वय से बीजेपी के विरोध में ज्यादा से ज्यादा वोट बटोरा जाए" 

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वहीं इससे पहले माकपा महासचिव निजी कंप्यूटरों को जांच एजेंसियों के दायरे में लाने के आदेश की भी आलोचना की थी. येचुरी ने सरकार के इस आदेश का विरोध करते हुए ट्वीट किया था कि हर भारतीय के साथ अपराधी की तरह व्यवहार क्यों किया जा रहा है? यह आदेश असंवैधानिक है. यह सरकार द्वारा पारित किया गया है जो प्रत्येक भारतीय पर निगरानी रखना चाहती है. येचुरी ने इसके असंवैधानिक होने की दलील देते हुए कहा कि यह टेलीफोन टैपिंग संबंधी दिशानिर्देशों व निजता और आधार पर अदालती फैसले का उल्लंघन करता है. 

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