NDTV Khabar

लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश किए जाने के पक्ष में 187 और विपक्ष में 74 वोट पड़े

केंद्र सरकार ने कहा कि यह क़ानून मुस्लिम महिलाओं की गरिमा बहाल करने के लिए, कई नेताओं ने इसे भेदभाव बढ़ाने वाला बताया

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश किए जाने के पक्ष में 187 और विपक्ष में 74 वोट पड़े

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को लोकसभा में तीन तलाक पर रोक के लिए बिल पेश कर दिया.

खास बातें

  1. रविशंकर प्रसाद ने कहा, कांग्रेस इंसाफ़ के सवाल की अनदेखी क्यों कर रही
  2. असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि यह कानून भेदभाव करने वाला
  3. थरूर ने कहा तीन तलाक के हक़ में नहीं लेकिन कानूनी प्रावधान का विरोध
नई दिल्ली:

लोकसभा में शुक्रवार को सरकार ने तीन तलाक़ बिल पेश कर दिया. हालांकि इस दौरान विपक्ष के विरोध के बीच वोटिंग भी करानी पड़ी. केंद्र सरकार ने कहा कि यह क़ानून मुस्लिम महिलाओं की गरिमा बहाल करने के लिए है, जबकि कई नेताओं ने इसे मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव बढ़ाने वाला बताया.

नई लोकसभा में कामकाज शुरू होते ही केंद्र सरकार के क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिल्कुल प्राथमिकता तय करते हुए तीन तलाक़ बिल पेश कर दिया. हालांकि इसको लेकर हुए हंगामे के बाद नए लोकसभाध्यक्ष ओम बिड़ला ने इस पर वोटिंग कराई- पेश किए जाने के पक्ष में 187 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 74. रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाया, कांग्रेस इंसाफ़ के इस सवाल की अनदेखी क्यों कर रही है.

इसके पहले सदन में बिल को लेकर विपक्ष सवालों की झड़ी लगाता रहा. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि वो तीन तलाक के हक़ में नहीं हैं, लेकिन इसके ख़िलाफ़ जो कानूनी प्रावधान हैं, उनका विरोध करते हैं. जबकि एमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए दावा किया कि ये क़ानून मुसलमानों के साथ भेदभाव करता है.


इन्स्टैंट ट्रिपल तलाक को गैरकानूनी घोषित करने के लिए नया बिल लोकसभा में हुआ पेश: 10 खास बातें

असदुद्दीन ओवैसी ने एनडीटीवी से कहा - ''ये बिल संविधान के खिलाफ है और मुस्लिम समुदाय को परेशान करने के लिए लाया गया है. देश में मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा के लिए पहले से चार कानून हैं. इस कानून से मुस्लिम महिलाओं की मुश्किलें बढ़ेंगी. संविधान के खिलाफ कानून बनाया जा रहा है. अगर दोषी पति को जेल भेजा जाएगा तो फिर पीड़ित महिला को मेन्टिनेंस कौन देगा?"

VIDEO : ओवैसी ने किया बिल का विरोध

टिप्पणियां

इसके पहले पिछली लोकसभा में तीन तलाक बिल पास हो चुका था, मगर राज्यसभा में सरकार इसे आगे नहीं बढ़ा पाई? इस बार भी राज्यसभा में बिल पास कराना सरकार के लिए आसान नहीं होगा.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement