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उपेंद्र कुशवाहा ने ठुकराया तेजस्वी यादव का ऑफ़र, कहा- RJD के पास कौन सा वोट बैंक?

बिहार एनडीए में जारी खींचतान के बीच रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि वो एनडीए में ख़ुश हैं और 2019 में मोदी के ही साथ रहेंगे.

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उपेंद्र कुशवाहा ने ठुकराया तेजस्वी यादव का ऑफ़र, कहा- RJD के पास कौन सा वोट बैंक?

रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा

पटना: बिहार एनडीए में जारी खींचतान के बीच रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि वो एनडीए में ख़ुश हैं और 2019 में मोदी के ही साथ रहेंगे. इससे पहले उनकी नाराज़गी की ख़बरें आ रही थीं. मौक़ा भांपते हुए आरजेडी के तेजस्वी यादव ने उन्हें महागठबंधन में आने का न्योता दे डाला था. 

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बीजेपी के लिए राहत की बात ये है कि कुशवाहा ने ये कहते हुए तेजस्वी के न्योते को ठुकरा दिया कि अब आरजेडी का कौन सा वोट बैंक बचा है, जिसकी बात तेजस्वी कर रहे हैं. रविवार को एक बार फिर एनडीए के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आई थी. जब उपेंद्र कुशवाहा की इफ़्तार पार्टी में एनडीए के एक नेता को छोड़ कोई और नहीं पहुंचा. सिर्फ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय इफ़्तार की दावत में शामिल हुए, जिससे खींचतान की अटकल को और बल मिल गया. लेकिन अब कुशवाहा ने अब इन अटकलों पर सफ़ाई दी है.

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तेजस्‍वी ने कहा था कि उन्हें विगत 4 साल से NDA में उपेक्षित किया जा रहा है. बीजेपी उनके साथ सौतेला और पराया व्यवहार कर रही है. इसी दौरान बीजेपी ने नीतीश जी के साथ मिलकर उनकी पार्टी को तोड़ने की साज़िश भी रची. तेजस्वी ने कहा था कि 'उपेन्द्र कुशवाहा जी एक बड़े सामाजिक समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन उस वर्ग से किसी को भी कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया. वहीं दूसरी तरफ़ केंद्र सरकार मे एक जाति के एक दर्जन से ज़्यादा कैबिनेट मंत्री हैं. पिछड़े वर्ग से आने वाले कुशवाहा जी की क़ाबिलियत को BJP ने कभी तवज्जो नहीं दी.

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तेजस्वी ने अलमगिर में कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा जी सामाजिक न्याय की धारा से आते हैं इसलिए उन्हें गोडसे-गोलवलकर और गांधी-अंबेडकर की दो धाराओं में से एक को चुनना होगा. BJP संविधान को ख़त्म कर रही है जिससे आरक्षण स्वतः ही समाप्त हो जाएगा. कुशवाहा जी को संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई में ससमय उचित निर्णय लेना चाहिए.

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