'सिर्फ सरकार के लिए है 200 रुपये की स्‍पेशल कीमत': वैक्‍सीन कोविशील्‍ड को लेकर बोले अदार पूनावाला

पूनावाला ने कहा, हमने भारत सरकार के आग्रह पर पहले एक करोड़ डोज के लिए 200 रुपये की विशेष कीमत तय की है. शेष 5.6 करोड़ डोज के लिए भी हमने उचित कीमत रखी है. यह 200 रुपये से कुछ अधिक होगी जो हमारा लागत मूल्‍य है.

पुणे:

कोरोना वायरस को मात देने के लिए पूरी दुनिया बड़ी संख्‍या में वैक्‍सीन (Corona Vaccine)के निर्माण के लिए भारत की ओर उम्‍मीद भरी नजर से देख रही है. सीरम इंस्‍टीट्यूट (Serum Institute) के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अदार पूनावाला (Adar Poonawalla)ने देश की पहली कोरोना वैक्‍सीन-कोविशील्‍ड की 56.5 लाख डोज की पहली खेप रवाना करने के कुछ घंटों बाद मंगलवार को NDTV से यह बात कही. पूनावाला ने इस क्षण को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए भारत से वैक्‍सीन खरीदने को लेकर सीरम इंस्‍टीट्यूट और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को वैक्‍सीन खरीदने के लिए पत्र लिखे हैं. उन्‍होंने कहा कि सीरम इंस्‍टीट्यूट ने सरकार को विशेष रेट की पेशकश की है जो कि हमारी लागत से थोड़ा कम है क्‍योंकि इसने देश के लोगों की रक्षा और उनका समर्थन करने को मान्‍यता दी है. पूनावाला ने कहा, 'कोई मोलभाव (Negotiation) नहीं हुआ. हमने लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष कीमत का प्रस्‍ताव किया. हमारा मकसद स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों, बुजुर्गों की रक्षा करना है. इसके बाद जब हमें सरकार से इजाजत मिल जाएगी तब हम इसे प्राइवेट मार्केट में बेचेंगे.'

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पूनावाला ने बताया, 'हमारे कई देशों के साथ करार हैं-सऊदी अरब, ब्राजील, बांग्‍लादेश और अफ्रीकी देश. ये देश भारत की ओर उम्‍मीद से देख रहे हैं क्‍योंकि हमारे पास बड़ी उत्‍पादन सुविधाएं हैं और दुनिया की छोटी कंपनियां अभी समुचित संख्‍या में कोरोना डोज का निर्माण करने की स्थिति में नहीं हैं.' भारत ने फिलहाल कोरोना वैक्‍सीन के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है लेकिन ब्राजील की ओर से कोविशील्‍ड की दो मिलियन डोज की मांग के दबाव के बावजूद इसके लिए अभी मंजूरी नहीं दी है.

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पूनावाला ने संकेत दिया है कि उनके लिए पहली प्राथमिकता भारत सरकार है जिसने 1.1 करोड़ कोविशील्‍ड का आर्डर दिया है. उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार का शेष आर्डर, 5.6 करोड़ डोज फरवरी तक सप्‍लाई कर दिया जाएगा. सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) से हर माह सात से आठ करोड़ डोज का उत्‍पादन किया जा सकता है. उन्‍होंने यह भी कहा कि सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) डोज का समान वितरण सुनिश्चित करना चाहती है. उन्‍होंने कहा कि हम आम आदमी..कमजोर, गरीब और हेल्‍थकेयर वर्कर की मदद करना चाहते हैं इसलिए हमने भारत सरकार के आग्रह पर पहले एक करोड़ डोज के लिए 200 रुपये की विशेष कीमत तय की है. शेष 5.6 करोड़ डोज के लिए भी हमने उचित कीमत रखी है. यह 200 रुपये से कुछ अधिक होगी जो हमारा लागत मूल्‍य है. इसके बाद हम प्राइवेट मार्केट में इसे 1000 रुपये प्रति डोज की कीमत से बेचेंगे.