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जितिन प्रसाद: एमबीए करने के बाद की थी राजनीति की शुरुआत, यहां जानिए पूरा सफर

जितिन प्रसाद कांग्रेस के युवा नेताओं में से एक हैं, उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का करीबी माना जाता है. उनके पिता जितेन्द्र प्रसाद भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पी.वी.नरसिम्हा राव के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं.

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जितिन प्रसाद: एमबीए करने के बाद की थी राजनीति की शुरुआत, यहां जानिए पूरा सफर

खास बातें

  1. पिता जितेंद्र प्रसाद पूर्व पीएम राजीव गांधी के सलाहकार थे
  2. बीकॉम ऑनर्स के बाद दिल्ली से किया था एमबीए
  3. 2001 में बने थे भारतीय युवा कांग्रेस के सचिव
नई दिल्ली:

जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) कांग्रेस के युवा नेताओं में से एक हैं, उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का करीबी माना जाता है. उनके पिता जितेन्द्र प्रसाद भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी(1991) और पी.वी.नरसिम्हा राव (1994) के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं. जितेन्द्र प्रसाद यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, ऐसे में जितिन प्रसाद का राजनीति में आना लाजमी था. जितिन प्रसाद का जन्म  29 नवंबर 1973 को यूपी के शाहजहांपुर में हुआ. उन्होंने अपनी पढ़ाई देहरादून के दून स्कूल से की. फिर वह दिल्ली चले गए और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम ऑनर्स किया. बीकॉम करने के बाद उन्होंने आईएमआई नई दिल्ली से एमबीए किया. जितिन के दादा ज्योति प्रसाद कांग्रेस के नेता थे और उनकी दादी पामेला प्रसाद कपूरथला के रॉयल सिख परिवार से थीं. फरवरी 2010 में जितिन प्रसाद ने पूर्व पत्रकार नेहा सेठ से शादी की.

कैसे शुरू हुआ सियासी सफर


जितिन प्रसाद ने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत साल 2001 में की थी. इस दौरान वह भारतीय युवा कांग्रेस में सचिव बने थे. इसके बाद 2004 में उन्‍होंने अपने गृह लोकसभा सीट शाहजहांपुर से 14वीं लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. साल 2008 में पहली बार जितिन प्रसाद केन्द्रीय राज्य इस्पात मंत्री नियुक्त किए गए.

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इसके बाद 2009 में जितिन प्रसाद ने धौरहरा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. वह 2009- 18 जनवरी 2001 तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, 19 जनवरी 2011- 28 अक्टूबर 2012 तक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और 28 अक्टूबर 2012 - मई 2014 तक मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय संभाल चुके हैं. यूपीए सरकार में वह केन्द्रीय राज्यमंत्री रह चुके हैं. 2019 के लोकसभा चुनावों में जितिन प्रसाद एक बार फिर धौरहरा से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. 



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