
कोरोना वायरस के पूरी दुनिया में फैलने के छह महीने बाद यह लगभग साफ हो चला है कि मरीज में COVID-19 के कई लक्षण नजर आते हैं. इस वायरस से सभी उम्र के हजारों लोग हफ्तों या महीनों तक बीमार रहते हैं. मिसाल के तौर पर ब्रिटिश फोरेंसिक मनोचिकित्सक जेनी जज को मार्च में बुखार, खांसी, सिरदर्द और सांस लेने जैसी कई तकलीफें एक साथ हुई थीं. जेनी ने तेज धड़कनों की शिकायत सहित कई लक्षणों को अनुभव किया. साथ ही उन्हें खुजली और अल्सर की भी परेशानी हुई. एक बिंदु पर वह इतनी नाजुक थीं कि उन्होंन अपने कुत्तों को बात करते हुए सुना.
गौरतलब है कि दुनिया में कोरोना से 5 लाख से अधिक मौतें और एक करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं. इस महामारी को 60 लाख से अधिक लोगों ने हराया है. JAMA नेटवर्क जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया है कि इटली के 143 रोगियों में से 87 प्रतिशत ऐसे थे जो बीमार पड़ने के 60 दिन बाद भी कम से कम एक लक्षण से पीड़ित थे. इन मरीजों में थकान और सांस लेने में तकलीफ सबसे आम बात थी.
पिछले सप्ताह यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन द्वारा प्रकाशित रिसर्च में पाया गया कि 350 में लगभग 60 प्रतिशत इन पेशेंट और लगभग एक तिहाई आउट पेशेंट कोरोना पॉजिटिव होने के 14-21 दिनों बाद भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो सके. अस्पताल से छुट्टी पाने वालों को निरंतर देखभाल की आवश्यकता रही.
शोधकर्ताओं को लगता है कि 10 में हर एक व्यक्ति में 30 दिनों के बाद भी लक्षण दिखाई देते हैं और कुछ महीनों तक मरीज अस्वस्थ रहते हैं. अनुमान के मुताबिक ब्रिटेन में लगभग ढाई लाख लोग लंबी बीमारी से पीड़ित हैं. समस्या का एक हिस्सा विभिन्न प्रकार के लक्षण हैं, जिनमें से कई लक्षण बिल्कुल अलग तरह के होते हैं.
(एएफपी से इनपुट के साथ)
हवा में फैलता है कोरोनावायरस? जानिए क्या है सच
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं