Google Doodle: LGBTQ+ Pride के लिए गूगल ने बनाया 3D Doodle, जानें इतिहास और खास बातें

Celebrating 50 Years Of Pride: गूगल (Google) ने होमपेज पर LGBTQ+ प्राइड के नाम पर खास डूडल (Google Doodle) को जगह दी है. जहां गूगल ने 7 स्लाइड्स में समुदाय के प्राइड परेड (Celebrating 50 Years Of Pride) का सफर दिखाया है.

Google Doodle: LGBTQ+ Pride के लिए गूगल ने बनाया 3D Doodle, जानें इतिहास और खास बातें

Celebrating Pride: गूगल ने LGBTQ+ प्राइड के नाम किया 3D Doodle.

Google Doodle Celebrating 50 Years Of Pride: गूगल (Google) ने होमपेज पर LGBTQ+ प्राइड के नाम पर खास डूडल (Google Doodle) को जगह दी है. जहां गूगल ने 7 स्लाइड्स में समुदाय के प्राइड परेड (Celebrating 50 Years Of Pride) का सफर दिखाया है. जो पूरे 50 साल का है. जून का महीने इस समुदाय का प्राइड मंथ (Pride Month 2019) होता है. समाज में गे (Gay), लेस्बियन (Lesbian), ट्रांसजेंडर (Trangender), बायसेक्सुएल (Bisexual) और क्वीर जैसी लैंगिकता को पहचान मिलने और स्वीकार करने के बाद से ये परेड निकाली जाती है. इस समुदाय (LGBTQ) के लोग पहचान पर गर्व करते हुए उत्साह मनाते हैं. 

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न्यूयॉर्क में क्रिस्टोफर स्ट्रीट पर परेड का आयोजन होता है. इस परेड में LGBTQ+ के लोग हिस्सा लेते हैं. सिर्फ न्यूयॉर्क में ही नहीं, बल्कि कई देशों में परेड निकाली जाती है. LGBTQ+ लैंगिकता को हर जगह नकारा गया, जिसके लिए इस समुदाय को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी. कई देशों में तो इसे स्वीकार कर लिया गया. लेकिन अभी भी कई देशों में इसे अपराध माना जाता है. 

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भेदभाव के खिलाफ सबसे पहली आवाज अमेरिका में उठी. 1950 में ही लड़ाई की शुरुआत हो चुकी थी. 1960 में आवाज बढ़ गई और दुनिया की नजरों में आ गए. आवाज तेज होने के बाद समलैंगिक और ट्रांसजेंडर सड़कों पर उतर गए और दुनिया की पहली प्राइड परेड की.

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जिसके बाद ये बड़े बदलाव का प्रतीक बन गया. न्यूयॉर्क में ये प्राइड परेड खास होगी क्योंकि LGBTQ+ के 50 साल पूरे हो गए हैं. भारत में भी समलैंगिकता को मान्यता देते हुए अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है. साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भारत में समलैंगिकता को मान्यता दी थी.