चीन में भारतीय महिला को हुई ऐसी बीमारी, इलाज के लिए नहीं थे पैसे तो मदद के लिए आ गए बाकी भारतीय लोग

दक्षिण चीन के शनचन शहर के एक इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाती एक भारतीय शिक्षिका, प्रीति महेश्वरी को पिछले कुछ समय में सर्दी और सांस की समस्या हुई. डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर निमोनिया और टाइप 1 श्वसन विफलता से ग्रस्त बताया.

चीन में भारतीय महिला को हुई ऐसी बीमारी, इलाज के लिए नहीं थे पैसे तो मदद के लिए आ गए बाकी भारतीय लोग

चीनी डॉक्टरों ने भारतीय महिला को दिया दूसरा जन्म

दक्षिण चीन के शनचन शहर के एक इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाती एक भारतीय शिक्षिका, प्रीति महेश्वरी को पिछले कुछ समय में सर्दी और सांस की समस्या हुई. डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर निमोनिया और टाइप 1 श्वसन विफलता से ग्रस्त बताया और उन्हें शनचन के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया. प्रीति महेश्वरी के पति अंशुमन ने सीआरआई को बताया कि पहले उन्हें अंदेशा हुआ कि उनकी पत्नी कोरोनावाइरस या किसी अन्य जानलेवा वाइरस की शिकार हो गई है, लेकिन डॉक्टरी जांच के बाद पुष्टि हुई कि वह 'स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया' से ग्रस्त है, जो कि एक जानलेवा बिमारी है.

जाल में फंसी दुर्लभ मछली, मछुआरों ने उसे वापस छोड़ दिया पानी में, Viral Video देख लोगों ने कहा...

चीन में व्यापार करने वाले अंशुमन ने बताया कि उनकी पत्नी के रोग को कोरोनावाइरस की नजर से देखा जा रहा था, और स्थानीय स्वास्थ्य ब्यूरो, सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो इस मामले पर बेहद ध्यान दे रहा था. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी का मल्टीपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम (टडऊर) और सेप्टिक शॉक का भी उपचार हुआ. उनके बचने की संभवाना बहुत कम नजर आ रही थी.

CAA का विरोध कर रहे स्टूडेंट्स पर गोली चलाने से पहले Gopal ने किया था FB Live, बोला था- 'शाहीन बाग, खेल खत्म...' देखें Video

अंशुमन ने बताया कि वह एक मध्यम वर्ग परिवार से आते हैं और उनके पास पर्याप्त धनराशि की कमी थी. उन्होंने चीनी समुदाय से मदद मांगी और चीनी समुदाय प्रीति और उनके परिवार को मदद देने के लिए आगे आया, साथ ही चीन में भारतीय और गैर-भारतीय लोगों ने भी आर्थिक मदद देने के लिए वित्तीय सहायता राशि जुटाई. बहुत कम समय में आवश्यक धनराशि जुटाई गई.

सरस्‍वती पूजा पर बढ़ गई पंडित जी की डिमांड, ऐसे जबरन खींचकर ले जाने लगी महिला, देखें Viral Video

अंशुमन ने चीन में भारतीय समुदाय संघ 'सीएनआरआई' और पूरे भारतीय समुदाय को इसका श्रेय देते हुए कहा कि भारतीय समुदाय की मदद से वित्तीय सहायता राशि जुटा पाना संभव हो पाया, अन्यथा उनकी पत्नी के उपचार के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं हो पाती. इसके अलावा, उन्होंने चीनी लोगों का भी खास तौर पर धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने इस मुसीबत की घड़ी में उनका साथ दिया है.

इस राज्य में बेरोजगारों को अब हर महीने मिलेंगे 5 हजार रुपये, युवाओं के लिए 100 दिन का रोजगार भी...

अंशुमन ने उनकी पत्नी का उपचार कर रहे चीनी डॉक्टरों को भगवान का रूप बताया और कहा कि चीनी डॉक्टरों की टीम अथक मेहनत से ही उनकी पत्नी को दूसरा जन्म मिला है. खैर, प्रीति महेश्वरी इस समय खतरे से बाहर है, और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है. डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com