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हनीप्रीत यदि ड्रग्स और रेप विक्टिम बन जाए, तो...?

एक मीडियाकर्मी की FIR और 'पीपली मीडिया के लाइव टेलीकास्ट' से उपजे इस मामले का कानून की अदालत में कब और कैसे फैसला होगा...

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हनीप्रीत यदि ड्रग्स और रेप विक्टिम बन जाए, तो...?

हनीप्रीत यदि ड्रग्स और रेप विक्टिम बन जाए, तो - 10 सवाल (फाइल फोटो)

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरमीत राम रहीम की करीबी सहयोगी हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर उसे सरेंडर करने के लिए कहा है. एक मीडियाकर्मी की FIR और 'पीपली मीडिया के लाइव टेलीकास्ट' से उपजे इस मामले का कानून की अदालत में कब और कैसे फैसला होगा...

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असली हनीप्रीत ने रिट दायर किया, इसकी जवाबदेही कैसे होगी : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जेल में बंद गुरमीत राम रहीम डुप्लीकेट है और असली बाबा विदेश भाग चुका है. हनीप्रीत ने अपने वकील के दिल्ली स्थित दफ्तर में 25 सितंबर को वकालतनामे पर दस्तखत किए और हलफनामे में गुरमीत राम रहीम की बजाय अपने असली पिता रामानंद तनेजा का नाम दिया. एविडेंस एक्ट के अनुसार क्लाइंट के बारे में वकील से पुलिस पूंछताछ नहीं कर सकती. यदि हनीप्रीत जल्द सरेंडर नहीं करती, तो देशहित से जुड़े इस मामले में वकील और नोटरी से किस कानून के तहत पुलिस जानकारी हासिल कर सकती है...?

FIR में हनीप्रीत का नाम ही नहीं है : हरियाणा सरकार की तरफ से पेश सहायक महाधिवक्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में हनीप्रीत की जमानत याचिका का विरोध करते हुए, पंचकूला थाने में 27 अगस्त को दर्ज FIR का जिक्र किया, जिसमें आदित्य इन्सा और सुरेंद्र इन्सा समेत कई अज्ञात डेरा समर्थकों का ज़िक्र है, लेकिन हनीप्रीत का नाम नहीं है...!

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मीडियाकर्मी द्वारा दर्ज FIR में देशद्रोह का आरोप नहीं : पंचकूला थाने में 'दैनिक भास्कर' के पत्रकार द्वारा की गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने IPC के कई प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की है, जिसमें हिंसा भड़काने और साज़िश जैसे अनेक आरोप हैं, लेकिन देशद्रोह के लिए ज़रूरी IPC की धारा 124-A का ज़िक्र ही नहीं है.

हनीप्रीत यदि रेप विक्टिम बन जाए, तो : डेरे की साध्वियों के साथ बलात्कार के जुर्म के लिए गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सजा हुई है. गुरमीत राम रहीम के ड्राइवर खट्टा सिंह और उसके पुत्र गुरदास सिंह ने कुछ दिन पहले मीडिया को बताया कि बाबा ने हनीप्रीत का भी रेप किया था. यदि हनीप्रीत रेप विक्टिम बनकर राम रहीम के खिलाफ बयान दे तो उसके खिलाफ अन्य आरोपों की कहीं हवा ही न निकल जाए...?

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ड्रग्स माफिया से मौत का खौफ : गुरमीत राम रहीम और हनीप्रीत खुद को ड्रग्स के विरुद्ध जांबाज़ लड़ाकू के तौर पर फिल्मों में पेश करते थे. असल डेरे में हज़ारों करोड़ की संपत्ति के पीछे कहीं ड्रग्स के कारोबार का राज़ तो नहीं था, जिससे अब हनीप्रीत की जान को खतरा है. सीमा पार पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर ड्रग्स की सप्लाई के आरोप पंजाब चुनाव के दौरान अकाली नेताओं पर लगे थे. राम रहीम के डेरे के साथ अकाली नेताओं की प्रतिद्वंद्विता के पीछे ड्रग्स कारोबार की संभावित वजहों को क्या अब मीडिया बेनकाब करेगा...?

हनीप्रीत भगोड़ी नहीं, फिर लुकआउट नोटिस कैसे जारी हुआ : वकील के अनुसार हनीप्रीत दिल्ली में इसलिए है, क्योंकि हरियाणा में उसकी जान को खतरा है. मीडिया में सनसनी के बाद हनीप्रीत के खिलाफ 1 सितंबर को लुकआउट नोटिस जारी करने के बाद 20 सितंबर को उसे मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में डाल दिया गया. नेपाल, पाकिस्तान, चीन समेत कई जगहों में हनीप्रीत को देखे जाने के कयासों ने मीडिया की टीआरपी को बढ़ाया, लेकिन हनीप्रीत पुलिस के हाथ अब तक नहीं आई. कानून के अनुसार अदालत के माध्यम से हनीप्रीत को अब तक भगोड़ा घोषित नहीं किया गया, फिर लुकआउट नोटिस का शिगूफा क्यों...?

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दिल्ली में डेरे की प्रॉपर्टी सील क्यों नहीं हुई : पुलिस द्वारा डेरा सच्चा सौदा के बैंक खातों को सील करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है. देश भर में ढूंढने का तमाशा करने के साथ यदि दिल्ली में डेरे की प्रॉपर्टी पर खुफिया निगाह रखी जाती, तो हनीप्रीत पुलिस की गिरफ्त में आ सकती थी...?

हनीप्रीत के पति ने क्यों दर्ज नहीं कराया मुकदमा : हनीप्रीत के पूर्व पति विश्वास गुप्ता ने मीडिया के सामने आकर पुराने किस्से सुनाए. राखी सावंत ने भी इस बारे में कई फिल्मी सुराग दिए. विवाहित महिला से अवैध संबंधों और विश्वास गुप्ता को दहेज़ के झूठे मामलों में फंसाने का सच सामने आने के बावजूद, राम रहीम के खिलाफ पुलिस ने नई FIR क्यों नहीं दर्ज की...?

सिर्फ हनीप्रीत का मीडिया ट्रायल क्यों : हनीप्रीत ने अनेक फिल्मों में काम किया है और उसके फेसबुक और ट्विटर पर उसके लाखों फॉलोअर हैं. राम रहीम का साथ देने के लिए यदि हनीप्रीत दोषी है, तो फिर अनेक राजनेता, पुलिस अधिकारी और मीडिया कैसे दोषमुक्त हो सकते हैं...? निर्भया मामले के बाद आपराधिक कानूनों में सख्त बदलाव के बाद हनीप्रीत यदि रेप विक्टिम मान ली गई, तो उसके चरित्र हनन के लिए मीडिया चैनल कितना जवाबदेह होंगे...?

हनीप्रीत की रिट पर हरियाणा पुलिस स्पष्टीकरण दे : दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में हनीप्रीत ने अपने खिलाफ लगाए गए सारे आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए, खुद को मीडिया ट्रायल का शिकार बताया है. राम रहीम की कोर्ट में पेशी से लेकर सुनारिया जेल जाने तक हर मूवमेंट की पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी कराई गई थी. राम रहीम के लिए हेलीकॉप्टर की वीआईपी सुविधा और उसमे हनीप्रीत को दवा देने के नाम पर यदि बैठने की इजाज़त दी गई थी, तो फिर किस कानून के तहत हनीप्रीत को अपराधी माना जा सकता है...?


विराग गुप्ता सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता और संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ हैं...

VIDEO: हनीप्रीत को नहीं मिली अग्रिम जमानत,दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति NDTV उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार NDTV के नहीं हैं, तथा NDTV उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.



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