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Happy Birthday Kohli: अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर से इस मामले में अलग हैं विराट

कोहली को सचिन के बाद टीम इंडिया का दूसरा बड़ा बल्‍लेबाज माना जाता है. कई मामलों में भारत के इन दोनों खिलाड़ी में समानता है.विराट को इस मामले में अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर से अलग श्रेणी में रखा जा सकता है....

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Happy Birthday Kohli: अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर से इस मामले में अलग हैं विराट

सचिन तेंदुलकर की तकनीकी मामले में दी गई सलाह ने विराट कोहली को बेहतर बल्‍लेबाज बनाया है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. विराट को तकनीकी मामले में मदद कर चुके हैं सचिन तेंदुलकर
  2. कप्‍तानी के दबाव में प्रभावित नहीं हुई विराट कोहली की बैटिंग
  3. उनकी कप्‍तानी में टीम इंडिया हासिल कर रही लगातार सफलता
नई दिल्‍ली: टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर के प्रशंसक रहे हैं. टीम इंडिया के दूसरे क्रिकेटरों की तरह विराट कोहली के आदर्श भी सचिन रहे हैं. तकनीकी मामले में सचिन ने कई बार सचिन ने विराट की मदद की है. उनकी इस मदद के कारण विराट आज तकनीकी रूप से ज्‍यादा बेहतर बल्‍लेबाज बनकर उभरे हैं. इंग्‍लैंड के पूर्व कप्‍तान माइकल वॉन को दिए इंटरव्‍यू में विराट ने उन्‍हें बेहतर बल्‍लेबाज बनाने में मास्‍टर ब्‍लास्‍टर के योगदान के बारे में विस्‍तार से बात की थी. यह इंटरव्‍यू ब्रिटिश समाचार पत्र 'टेलीग्राफ' में प्रकाशित हुआ है. विराट कोहली रविवार, 5 नवंबर को 29 वर्ष पूरे कर रहे हैं.

विराट के अनुसार, वर्ष 2014 के इंग्‍लैंड दौरे के बाद जब वे बुरे दौर से गुजर रहे थे तब सचिन ने उनकी भरपूर मदद की थी. विराट का इस इंग्‍लैंड दौरे में बैटिंग औसत 13.40 का रहा था और स्विंग करती गेंदों के सामने वे 'अनाड़ी' की तरह लग रहे थे. विराट ने बताया, 'भारत लौटने के बाद मैं 10 दिन के लिए मुंबई गया, सचिन के साथ बात की और वक्‍त बिताया था. विराट के अनुसार, सचिन ने कुछ तकनीकी बातें बताकर इसे सुधारने में मेरी मदद की, ये बातें विराट के लिए मददगार साबित हुई थीं. सचिन की विराट कोहली को सीख थी, क्रीज पर रहकर गेंद खेलते हुए कभी अनिश्चितता की स्थिति में मत रहो.' सचिन से मिली इस मदद के बाद विराट ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वे रनों का अंबार लगा रहे हैं और यह कहा जा रहा है कि भविष्‍य में सचिन के कई रिकॉर्ड्स को विराट अपने नाम कर सकते हैं.

कोहली को सचिन के बाद टीम इंडिया का दूसरा बड़ा बल्‍लेबाज माना जाता है. कई मामलों में भारत के इन दोनों खिलाड़ी में समानता है. मसलन टेस्‍ट क्रिकेट में दोनों मध्‍यक्रम के बल्‍लेबाज हैं और वनडे क्रिकेट में दोनों ओपनर की हैसियत से उतर चुके हैं. इन दोनों खिलाड़ि‍यों की रनों की भूख भी इन्‍हें विलक्षण बनाती है. विराट कोहली की तरह सचिन भी आक्रामक अंदाज में बल्‍लेबाजी करते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाते थे. वैसे,विराट को इस मामले में अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर से अलग श्रेणी में रखा जा सकता है....

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कप्‍तानी में विराट का प्रदर्शन बेहतर
सचिन तेंदुलकर भी भारतीय टीम की कप्‍तानी संभाल चुके हैं. कप्‍तान के रूप में उनका प्रदर्शन बेहद औसत या इससे भी नीचे रहा. बाद में यह स्थिति भी आई कि अपनी बल्‍लेबाजी और टीम इंडिया के गिरते प्रदर्शन को देखते हुए सचिन ने कप्‍तानी छोड़ने का फैसला ले लिया. दूसरी ओर, विराट के नेतृत्‍व में टीम इंडिया सफलता के नए आयाम स्‍थापित कर रही है. यह कहा जा सकता है कि विराट ने कप्‍तानी के दबाव को सचिन से बेहतर तरीके से हेंडल किया. कप्‍तानी में न केवल उनका बल्‍लेबाजी प्रदर्शन और बेहतर हुआ बल्कि टीम इंडिया की सफलता की दर भी सचिन से अच्‍छी रही. वैसे, इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि सचिन की तुलना में विराट को ज्‍यादा अच्‍छे खिलाड़ी मिले. विराट के नेतृत्‍व वाली मौजूदा टीम इंडिया बल्‍लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों क्षेत्रों में संतुलित है. विराट जिस तरह अपनी कप्‍तानी में टीम इंडिया को सफलताएं दिला रहे हैं उसे देखते हुए वे भविष्‍य में देश के सर्वकालीन सर्वश्रेष्‍ठ कप्‍तान बन सकते हैं.

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मैदान पर व्‍यवहार में ज्‍यादा आक्रामक नजर आते हैं विराट
सचिन की बल्‍लेबाजी की शैली आक्रामक थी लेकिन मैदान पर उनका व्‍यवहार संयत होता था. स्‍लेजिंग के मामले में भी वे अपने शब्‍दों से प्रतिक्रिया नहीं देते थे. वे इसका जवाब अपने बल्‍ले से देना पसंद करते थे. ऐसा बहुत कम हुआ कि सचिन मैदान पर किसी तरह के विवाद में पड़े हों. दूसरी ओर, विराट का स्‍वभाव इस मामले में सचिन से अलग है. विराट बल्‍लेबाजी में सचिन की तरह ही आक्रामक हैं. मैदान पर भी वे आक्रामकता से भरपूर नजर आते हैं. विराट मैदान पर फील्डिंग करते हुए भी अपनी भावनाओं को अभिव्‍यक्‍त करने से नहीं हिचकिचाते. विपक्षी टीम की स्‍लेजिंग का जवाब वे उसी शैली में देना जानते हैं. टीम इंडिया में इस समय आया आक्रामक अंदाज काफी हद तक विराट की ही देन है. भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के बीच इसी वर्ष हुई टेस्‍ट सीरीज के दौरान विपक्षी टीम के कप्‍तान स्‍टीव स्मिथ के डिसीजन रिव्‍यू के लिए ड्रेसिंग रूम की ओर देखने पर विराट ने तल्‍ख प्रतिक्रिया जताई थी. विराट के स्‍वभाव में आक्रामकता कूट-कूटकर भरी हुई है.

स्‍कोर चेज करने के मामले में विराट बेजोड़
आंकड़े बताते हैं कि स्‍कोर चेज करने के मामले में विराट कोहली अपने आदर्श सचिन से बेहतर हैं. विराट की यह क्षमता उनके वनडे के बल्‍लेबाजी औसत में भी नजर आती है. विराट 202 वनडे के अपने अब तक के करियर में 32 बार नाबाद रहे हैं. मुश्किल वक्त में वे टीम की जीत दिलाने के बा ही पेवेलियन लौटते हैं. दूसरी ओर सचिन अपने 463 वनडे के करियर में 41 बार नाबाद लौटे. वैसे, इस मामले में यह भी ध्‍यान रखना जरूरी है कि सचिन ने वनडे में ज्‍यादातर समय टीम इंडिया की पारी की शुरुआत की.  

सचिन थे विराट से बेहतर गेंदबाज
बल्‍लेबाजी के अलावा सचिन तेंदुलकर गेंदबाजी में भी कमाल करते थे. वे मध्‍यम गति की गेंदबाजी के अलावा स्पिन गेंदबाजी में भी माहिर थे. कई बार अपनी गेंदबाजी से भी उन्‍होंने टीम इंडिया के लिए जीत हासिल की. सचिन ने टेस्‍ट क्रिकेट में 46 और वनडे में 154 विकेट हासिल किए. वनडे में दो बार वे पांच विकेट हासिल कर चुके हैं. विराट भी दाएं हाथ से मध्‍यम गति की गेंदबाजी करते हैं लेकिन इस क्षेत्र में उन्‍हें सचिन के आसपास नहीं रखा जा सकता. विराट ने 202 टेस्‍ट में केवल चार और 53 टी20 मैच में चार विकेट हासिल किए हैं. टेस्‍ट क्रिकेट में कोई विकेट दिल्‍ली के इस खिलाड़ी के नाम पर नहीं है.

वीडियो: गावस्‍कर ने इस अंदाज में की विराट की बैटिंग की तारीफ वैसे, इन दोनों खिलाड़ि‍यों के बारे में यह बात कही जा सकती है कि इन्‍होंने भारतीय क्रिकेट को कई कामयाबियां दिलाईं. इनके टीम में रहते हुए टीम इंडिया को विश्‍व क्रिकेट में प्रतिष्‍ठा हासिल हुई.


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