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समय से पहले 2019 का आम चुनाव कराना मुश्किल! जानें वजह

2019 में प्रस्तावित आम चुनाव समय से पहले करवाना मुश्किल नहीं बल्कि असंभव दिख रहा है, क्योंकि चुनाव के लिए VVPAT समय पर उपलब्ध नहीं हो सकेगा.

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समय से पहले 2019 का आम चुनाव कराना मुश्किल! जानें वजह

2019 Elections: 19 जून तक तय लक्ष्य का सिर्फ 22 फ़ीसदी ही VVPAT डिलीवर किया गया है, ऐसे में समय से पहले चुनाव मुश्किल है.

खास बातें

  1. समय से पहले आम चुनाव होने की चल रही थी चर्चा
  2. लेकिन VVPAT की डिलीवरी में देरी से नहीं हो सकेगा चुनाव
  3. अभी तक तय लक्ष्य का सिर्फ 22 फ़ीसदी ही VVPAT डिलीवर
नई दिल्ली : 2019 में प्रस्तावित आम चुनाव को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच बड़ी खबर आ रही है. पहले कहा जा रहा था कि आम चुनाव समय से पहले हो सकता है, लेकिन अब चुनाव समय से पहले करवाना मुश्किल नहीं बल्कि असंभव दिख रहा है. क्योंकि चुनाव के लिए VVPAT समय पर उपलब्ध नहीं हो सकेगा. ये जानकारी इंडियन एक्सप्रेस न्यूजपेपर ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत हासिल की है. चुनाव आयोग ने VVPAT, बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट के लिए दो कंपनियों को पिछले साल सितंबर में ऑर्डर दिए थे, जिनकी डिलीवरी इसी साल सितंबर तक होनी थी, लेकिन ये कंपनियां इस लक्ष्य को पाने में नाकाम रही है. 19 जून तक तय लक्ष्य का सिर्फ 22 फ़ीसदी ही VVPAT डिलीवर किया गया है. ऐसे में VVPAT डिलीवरी में देरी होनी तय है. जिसकी वजह से समय से पहले चुनाव कराना असंभव नजर आ रहा है. NDTV ने जब इस बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त से बात की तो उन्होंने कहा कि ये सच है कि इलेक्ट्रॉनिक मशीनों और VVPAT की डिलीवरी में देरी हुई है, लेकिन नवंबर तक सारी VVPAT मशीनें डिलीवर हो जाएंगी.

यह भी पढ़ें : निर्वाचन आयोग को सितंबर 2018 तक 40 लाख वीवीपैट मशीनें और EVM मिलेंगी- मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि डिलीवरी में केवल डेढ़ महीने की देरी होगी. दो कंपनियों को ज़िम्मेदारी दी गई है. इनमें से एक कंपनी 7 नवंबर और दूसरी कंपनी 15 नवंबर तक मशीनें डिलीवर कर देगी. आपको बता दें कि पिछले साल नवंबर में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने कहा था कि निर्वाचन आयोग को सितंबर 2018 तक 40 लाख वीवीपैट मशीनें व ईवीएम मिलेंगी, जिनका इस्तेमाल 2019 के आम चुनावों में होगा. केंद्र ने निर्वाचन आयोग को 40 लाख मशीनों की खरीद के लिए 5,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. उन्होंने कहा था कि "हमें 23 लाख से ज्यादा ईवीएम व 16 लाख वीवीपैट मशीनों की जरूरत 2019 के चुनावों के लिए है." गौरतलब है कि वीवीपैट (वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ी होती हैं, जिसमें एक मतदाता द्वारा मतदान करने पर उम्मीदवार का नाम व जिस पार्टी के पक्ष में उसने वोट डाला है उसके चुनाव चिन्ह की पर्ची आती है.

यह भी पढ़ें :  चुनाव आयोग ने भविष्य के सभी चुनावों में वीवीपीएटी मशीनें इस्तेमाल करने का दिय औपचारिक निर्देश 

VVPAT के मामले में कब -कब क्या हुआ 
19 अप्रैल 2017    -  2019 चुनावों के लिए 16.15 लाख VVPAT ख़रीद को मंज़ूरी
24 अप्रैल 2017    -  BEL, ECIL सितंबर 2018 तक डिलीवर करेगा: SC में चुनाव आयोग
6 सितंबर 2017    -  BEL, ECIL के साथ चुनाव आयोग की समीक्षा बैठक
19 सितंबर 2017  - चुनाव आयोग ने ECIL का आधा ऑर्डर BEL को दिया
8 दिसंबर 2017   - आयोग ने रक्षा मंत्रालय, एटोमिक एनर्जी विभाग से समय पर काम पूरा न होने की आशंका जताई
18 दिसंबर 2017 - स्थिति से और बेहतर निपटा जा सकता था: चुनाव आयोग से अधिकारी
31 मार्च 2018     -  ECIL लक्ष्य से चूका, बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट की डिलीवरी नहीं.
31 मार्च 2018     -  केवल 53,500 VVPAT की डिलीवरी हुई
31 मार्च 2018     -  BEL ने 1.4 लाख बैलेट यूनिट, 1.4 लाख कंट्रोल यूनिट, 2.24 लाख VVPAT की डिलीवरी दी
17 अप्रैल 2018   - समीक्षा बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा-ECIL प्रदर्शन नहीं सुधार रहा
5 जून 2018        - चुनाव आयोग की BEL, ECIL के साथ समीक्षा बैठक, नाख़ुशी जताई 

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यह भी पढ़ें :  कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कहा- अब सभी चुनावों में हो वीवीपीएटी मशीनों का इस्तेमाल  

VIDEO: समय से पहले आम चुनाव मुश्किल, VVPAT की डिलीवरी में देरी 



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