TDP सांसदों के शामिल होने से क्या राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास करवा पाएगी BJP? जानिये क्या कहते हैं आंकड़े... 

मोदी सरकार संसद के इसी सत्र में ट्रिपल तलाक बिल (Triple Talaq Bill) पास करवाना चाहती है. राज्यसभा में हालांकि सरकार के पास बहुमत नहीं है, लेकिन तेलगू देशम पार्टी (TDP) के चार सांसदों के शामिल होने के बाद यह आंकड़ा बदल जाता है.

खास बातें

  • मोदी सरकार इसी सत्र में पास करना चाहती है तीन तलाक बिल
  • टीडीपी के चार सांसदों के शामिल होने से राज्यसभा में बदला आंकड़ा
  • सभी दलों के आंकड़ों को देखा जाए तो बहुमत में नजर आ रही बीजेपी
नई दिल्ली:

मोदी सरकार संसद के इसी सत्र में ट्रिपल तलाक बिल (Triple Talaq Bill) पास करवाना चाहती है. सरकार चाहती है कि लोकसभा से पास हो चुके इस बिल को राज्यसभा में भी पास करवा लिया जाए. राज्यसभा में हालांकि सरकार के पास बहुमत नहीं है, लेकिन तेलगू देशम पार्टी (TDP) के चार सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद यह आंकड़ा बदल जाता है. सूत्रों की मानें तो अगले सोमवार को तीन तलाक बिल राज्यसभा के पटल पर पेश किया जाएगा.

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बता दें कि राज्यसभा में अभी 236 की हाउस है और बहुमत का आंकड़ा 119 है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 71 सदस्य, जेडीयू के 6, अकाली दल के 3, शिवसेना के 3 और आरपीआई के 1 सदस्य के अलावा एनडीए के तीन नामित सदस्य, 6 में से 4 निर्दलीय सदस्य बीजेपी को समर्थन करते हैं. इन निर्दलीय सदस्यों में से एक अमर सिंह भी हैं जो भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन देते हैं. इसके अलावा एआईएडीएमके भी एऩडीए का हिस्सा है, जिसके 13 सदस्य भी बीजेपी के साथ हैं. इस पूरी संख्या को मिलाकर यह आंकड़ा 104 तक पहुंचता है.

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इसके बाद बचती हैं छोटी पार्टियां. इसकी संख्या तीन है जो BJP को अपना समर्थन दे रही हैं. इन पार्टियों में बोडोंलैंड, नगालैंड और सिक्किम की पार्टी शामिल हैं. इसके अलावा टीडीपी (TDP) से शामिल हुए चार सांसदों को मिला दिया जाए तो बीजेपी की संख्या 111 पहुंच जाती है. इसके बाद भी बीजेपी को राज्यसभा में बहुमत के लिए 8 सांसदों की जरूरत है और वह पूरा होगा वाईएसआर कांग्रेस और टीआरस के सांसदों को मिलाकर. सदन में वाईएसआर के 2 और टीआरएस के 6 सांसद हैं. बता दें कि वाईएसआर कांग्रेस और केसीआर की पार्टी टीआरएस गाहे-बगाहे बीजेपी को समर्थन करती रही है. इसके बाद बीजेपी (BJP) उस जादूई आंकड़े तक पहुंचती है, जहां उसे राज्यसभा में बहुमत मिल जाता है.

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मोदी सरकार के लिए आसान नहीं है तीन तलाक बिल की राह, ये चुनौतियां अब भी

हालांकि इसके अलावा भी कुछ पार्टियां ऐसी हैं जो गाहे-बगाहे बीजेपी का समर्थन करती रही है. इनमें नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल के पांच सांसद हैं. हालांकि तीन तलाक बिल पर वह सरकार के साथ नहीं है. वहीं, दूसरी तरफ सरकार की सहयोगी दल जेडीयू भी इस बिल पर सरकार के साथ नहीं है. इन सबके बीच सबसे जरूरी बात यह है कि ये सभी आंकड़े उस समय बेमानी हो जाती है, जब वोटिंग के दौरान राज्यसभा में जीतने सदस्य होते हैं उसके आधार पर बहुमत तय होता है. फिलहाल टीडीपी के चार सांसदों के आने के बाद बीजेपी राज्यसभा में अभी बहुमत में है.