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क्या नीतीश कुमार बीजेपी के सबसे अच्छे सहयोगी बनना चाहते हैं?

पिछले दिनों अमेरिका के विश्वविद्यालय में वंशवाद के संबंध में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दिए गए भाषण पर उन्होंने कहा कि वह उनकी राय से इत्तेफाक नहीं रखते.

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क्या नीतीश कुमार बीजेपी के सबसे अच्छे सहयोगी बनना चाहते हैं?

नीतीश कुमार दे रहे हैं कई मुद्दों पर बीजेपी का साथ

खास बातें

  1. जेडीयू अच्छे बच्चे की तरह हां में हां मिला रहा है
  2. वंशवाद के मुद्दे पर बीजेपी का साथ दिया
  3. गौरी लंकेश के मुद्दे पर केंद्र के साथ दिखे
पटना: केंद्र में नरेंद्र मोदी अगर अपने कुछ सहयोगियों के तेवर से परेशान हैं तो उनके लिए खुशखबरी है. जनता दल यूनाइटेड   फिलहाल अच्छे बच्चे की तरह हर मुद्दे में हां में हां मिलाते दिख रहे हैं. सोमवार को रोहिंग्या मुसलमानों से लेकर राहुल गांधी की वंशवाद पर की गई टिपण्णी हो या बिना पूछे गौरी लंकेश पर नीतीश के बयान से उनके बगल में बैठे बीजेपी नेता भी भौचक थे. आइये जानते हैं नीतीश ने सोमवार को विभिन मुद्दों पर ऐसा क्या कहा- जो उनके पुराने समर्थकों को निराश कर सकता है, लेकिन बीजेपी के दिल्ली से पटना तक के नेताओं को आनंदित कर सकता है. 

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1. रोहिंग्या मुस्लिम
पहले नीतीश कुमार ने पत्रकार से पूछा कि आपकी क्या राय है? फिर कहा- वह अपनी राय उनके चैनल देखकर और मीडिया में इस मुद्दे पर बहस को सुनकर बनाएंगे. फिर यह पूछने पर कि उनकी पार्टी की क्या राय है तब उन्होंने कहा कि अभी हम लोगों ने विचार नहीं किया है, लेकिन फिर नीतीश कुमार बोल गए कि मेरी व्यक्तिगत सोच है और फिर इतना कहकर चुप हो गए कि इंसानियत के प्रति उनका रुख उदारवादी है. साफ था कि नीतीश जो कहना चाहते है वह कह नहीं रहे और जो कह रहे हैं, वह सब उनकी राजनितिक मजबूरी है. 

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2.वंशवाद  
पिछले दिनों अमेरिका के विश्वविद्यालय में इस संबंध में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दिए गए भाषण पर उन्होंने कहा कि वह उनकी राय से इत्तेफाक नहीं रखते. फिर नीतीश ने इस मुद्दे पर कहा कि जो परिवारवादियों की संख्या है   उसकी तुलना में बिना परिवार वाले भी अच्छी खासी संख्या में हैं और उनका प्रदर्शन काफी अच्छा है. नीतीश ने कहा कि यह पूरी चर्चा सही नहीं क्योंकि परिवारवाद की आड़ में बहुत कुछ थोंपने की भी कोशिश होती है, जो जनता पसंद नहीं करती. 

3.गौरी लंकेश  
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर नीतीश कुमार ने बिना सवाल के ही बोलना शुरू कर दिया. उन्होंने मीडियावालों से पूछा कि आखिर इतने दिन हो गए, लेकिन जांच का कोई निष्कर्ष क्यों नहीं आ रहा. कर्नाटक में इतनी दर्दनाक घटना घटी है, लेकिन जांच में कुछ नहीं आया. कौन जिम्मेदार है? यह कहते हुए नीतीश ने कहा कि कई सप्ताह बीत गए और दोषियों का कुछ पता नहीं, यह देख हम लोगों को भी आश्चर्य होता है. उन्होंने कहा कि अगर बिहार में ऐसा होता तो कितनी हाय तौबा मच जाती. 


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