150 रुपये/किलो तक पहुंचा प्याज का भाव, चेन्नई में लोग रो रहे प्याज के आंसू

व्यापारियों का कहना है कि कम आपूर्ति होने के कारण ही कीमतें बढ़ी हैं. महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण, खड़ी खरीफ की फसल को भी नुकसान पहुंचा है, इससे आपूर्ति बाधित हुई है.

150 रुपये/किलो तक पहुंचा प्याज का भाव, चेन्नई में लोग रो रहे प्याज के आंसू

तमिलनाडु में प्याज के बढ़ते दाम से लोग परेशान हैं. तीन गुना कीमत बढ़ने से लोग प्याज के आंसू रो रहे हैं

चेन्नई:

तमिलनाडु में प्याज के बढ़ते दाम से लोग परेशान हैं. तीन गुना कीमत बढ़ने से लोग प्याज के आंसू रो रहे हैं. चेन्नई में तो प्याज 105 से 150 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं. बारिश की वजह से महाराष्ट्र में प्याज की फसलों को बारी नुकसान पहुंचा है, इसकी वजह से बाजार में प्याज की कम सप्लाय हो रही है.

चेन्नई के मायलापुर इलाके में एक सब्जी की दुकान पर, कल्पना नाम की एक युवा माँ ने प्याज की बढ़ी कीमतों की वजह से अपने साप्ताहिक खरीद में प्याज नहीं खरीदने का फैसला किया, क्योंकि वह इसे सहन नहीं कर सकती हैं. कल्पना, जिनके दो बच्चे हैं, एक सैलून में काम करती थी लेकिन लॉकडाउन के दौरान उनकी नौकरी छूट गई. उनके पति को भी वेतन में कटौती का सामना करना पड़ रहा है.

कल्पना ने कहा, "हमें प्याज के बिना ही सब मैनेज करना होगा. पिछले सात महीने से मैं घर पर ही हूं. मुझे कोई नौकरी नहीं मिल रही है. मेरे दो बच्चे हैं और उन्हें पालना-पोषणा बहुत मुश्किल हो रहा है. हमें घर का किराया भी देना है. जब प्याज के दाम गिर जाएंगे, तब ही हम इसे खरीद पाएंगे."

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दस मिनट बाद ही उसी स्टोर पर लक्ष्मी नाम की एक महिला आती है, उसने भी अपनी जरूरत से आधा ही प्याजा खरीदा. लक्ष्मी एक टेक कंपनी में काम करती हैं. उसने कहा कि वो और उनके पति, दोनों कोरोना वायरस संक्रम की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के बाद से ही 50 फीसदी सैलरी कट की मार झेल रहे हैं.

लक्ष्मी ने कहा, "सैलरी कटौती के साथ मूल्य वृद्धि एक साथ दोहरा झटका है लेकिन हमें ही इसे मैनेज करना है. हमने सभी प्रमुख खर्चों में कटौती की है. हम प्याज से बच नहीं सकते हैं इसलिए हम इसे कम मात्रा में खरीद रहे हैं."

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व्यापारियों का कहना है कि कम आपूर्ति होने के कारण ही कीमतें बढ़ी हैं. महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण, खड़ी खरीफ की फसल को भी नुकसान पहुंचा है, इससे आपूर्ति बाधित हुई है. कई लोग इसके लिए राज्य की एआीएडीएमके सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं जो चेन्नई के कोयम्बेडु सब्जी बाजार की 80 फीसदी दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं दे रही है. इस सब्जी मंडी में 2000 दुकानें हैं. इस मंडी में मई में 3500 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे.

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