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महाराष्ट्र सरकार के गठन से भागवत का कोई नाता नहीं, सीएम तो फडणवीस ही बनेंगे : नितिन गडकरी

नितिन गडकरी ने उनको महाराष्ट्र भेजकर सरकार की कमान सौंपने के कयासों पर विराम लगाया, कहा -दिल्ली में काम कर रहे हैं, राज्य में नहीं जाएंगे

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महाराष्ट्र सरकार के गठन से भागवत का कोई नाता नहीं, सीएम तो फडणवीस ही बनेंगे : नितिन गडकरी

नितिन गडकरी ने गुरुवार को नागपुर में कहा कि वे केंद्र से राज्य में वापसी नहीं कर रहे हैं.

खास बातें

  1. महाराष्ट्र सरकार के गठन में आरएसएस के हस्तक्षेप की खबरों को खारिज किया
  2. कहा- बीजेपी ने 105 सीट जीतीं, निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री बीजेपी को होगा
  3. गडकरी ने उम्मीद जताई कि बीजेपी-शिवसेना के बीच गतिरोध सुलझ जाएगा
नागपुर:

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए चल रही रस्साकशी को लेकर आज साफ कर दिया कि चूंकि ज्यादा सीटें बीजेपी की हैं इसलिए सीएम तो बीजेपी का ही बनेगा. इस विवाद को सुलझाने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत के हस्तक्षेप के सवाल पर गडकरी ने कहा कि  उन्हें इससे नहीं जोड़ा जाना चाहिए. गडकरी ने उनको महाराष्ट्र भेजकर सरकार की कमान सौंपने के कयासों पर भी यह कहकर विराम लगा दिया कि वे दिल्ली में कम कर रहे हैं और महाराष्ट्र में आने का सवाल ही नहीं उठता.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत का नाम महाराष्ट्र में सरकार गठन संबंधी कदमों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनाने पर जल्द फैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चूंकि भाजपा ने शिवसेना से ज्यादा सीटें जीती हैं, इसलिए मुख्यमंत्री उन्हीं की पार्टी का होगा.


नागपुर से लोकसभा सदस्य ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान शीर्ष पद संभालने के लिए राज्य में अपनी वापसी की खबरों को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘‘देवेंद्र फडणवीस नई सरकार का नेतृत्व करेंगे.'' गडकरी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत या संघ का इससे कोई संबंध नहीं है. जो चल रहा है (सरकार गठन को लेकर) उससे आरएसएस सरसंघचालक को जोड़ना सही नहीं होगा.''

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सरकार गठन को लेकर गतिरोध के बीच किसान कार्यकर्ता किशोर तिवारी ने हाल में कहा था कि भागवत को भाजपा और शिवसेना के बीच सत्ता संग्राम सुलझाने की जिम्मेदारी गडकरी को सौंपनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोग इस मुद्दे पर संघ की “चुप्पी” से चिंतित हैं. विधानसभा चुनाव से पहले किशोर शिवसेना में शामिल हो गए थे.

गडकरी ने कहा कि भाजपा और शिवसेना को राज्य में नई सरकार के गठन के लिए जनादेश मिला है और बहुत जल्द एक फैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा, “भाजपा ने 105 सीट जीतीं, निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री भाजपा को होगा. पार्टी जिसने विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटें जीतीं, मुख्यमंत्री उसी का होगा.” हालांकि, गडकरी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भाजपा और शिवसेना के बीच गतिरोध सुलझ जाएगा. उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र को देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा-शिवसेना की सरकार मिलेगी. जनादेश ‘युति' (महागठबंधन) के लिए है, इसलिए इस गतिरोध का कुछ समाधान होगा.”

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गडकरी ने कहा, “फडणवीस को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है. सरकार उनके नेतृत्व में बननी चाहिए.” साथ ही उन्होंने कहा कि शिवसेना के साथ बातचीत जारी है और इसका “निश्चित तौर” पर कुछ न कुछ समाधान निकलेगा. उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए राज्य वापसी की खबरों से भी इनकार किया. उन्होंने कहा, “मेरे महाराष्ट्र आने का सवाल ही नहीं उठता है. मैं दिल्ली में काम कर रहा हूं.”

भाजपा और शिवसेना मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर उलझी हुई हैं, जिससे 24 अक्टूबर को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में गठबंधन को 161 सीटें मिलने के बावजूद सरकार गठन को लेकर गतिरोध बना हुआ है. 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनावों में भाजपा को 105 सीटें, शिवसेना को 56, राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं.

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