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महिला ने दिया 'प्रेग्नेंट बच्ची' को जन्म, देखते ही डॉक्टरों के उड़े होश, 24 घंटे के अंदर किया ऐसा...

बच्ची के जन्म से दो महीने पहले हुए महिला के अल्ट्रासाउंड टेस्ट में यह बात सामने आई थी कि उसके शरीर में दो गर्भनाल (Umbilical Cords) हैं.

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महिला ने दिया 'प्रेग्नेंट बच्ची' को जन्म, देखते ही डॉक्टरों के उड़े होश, 24 घंटे के अंदर किया ऐसा...

महिला ने 'प्रेग्नेंट' बच्ची को दिया जन्म, 24 घंटों के भीतर ही हुआ नवजात का सी-सेक्शन

कोलंबिया:

एक महिला ने प्रेग्नेंट बच्ची को जन्म दिया. बच्ची के जन्म के 24 घंटों के भीतर ही उसकी सिजेरियन सर्जरी (C-Section) करनी पड़ी. जी हां, ये मामला कोलंबिया का है. यहां ममाज़ लैटिनस नाम के एक अस्पताल में एक महिला ने बेटी को जन्म दिया, लेकिन शुरुआती जांच में पता चला की बच्ची खुद भी प्रेग्नेंट है. ये जानने के बाद डॉक्टरों ने फिर इस बच्ची की सी-सेक्शन सर्जरी कर, गर्भ में मौजूद एक और भ्रूण को बाहर निकाला.

दरअसल, बच्ची के जन्म से दो महीने पहले हुए महिला के अल्ट्रासाउंड टेस्ट में यह बात सामने आई थी कि उसके शरीर में दो गर्भनाल (Umbilical Cords) हैं. लेकिन दोनों में से एक कॉर्ड गर्भ में पल रही बच्ची के पेट में मौजूद है. यह एक रेयर मेडिकल कंडीशन थी. इसी वजह से महिला के बच्ची को जन्म देते ही उस नवजात का भी सी-सेक्शन किया गया और गर्भ में पल रहे भ्रूण को बाहर निकाला गया. इस खराब भ्रूण का दिल और दिमाग दोनों ही विकसित नहीं हुआ था.

द सन के मुताबिक इस बच्ची को नाम दिया गया इत्ज़मारा. डॉक्टरों के मुताबिक इत्ज़मारा अब ठीक है और उसका शरीर पूरी तरह से स्वस्थ्य है. भविष्य में इस सर्जरी की वजह से उसे कोई दिक्कत नही आएगी. 


इस हॉस्पिटल के डॉक्टर के मुताबिक, 'यह एक तरह का पैरासिटिक ट्विन्स (Parasitic Twins) का मामला है. इस तरह के केस को 'फीटस इन फेटु' (Fetus in Fetu) भी कहा जाता है.'

इस बच्ची ने अपनी मां के पेट में अपने साथ पल रहे दूसरे भ्रूण को निगल लिया था और वो उसके पेट में पलने लगा था. यह एक बेहद रेयर मेडिकल कंडिशन है जिसमें मां के पेट में पल रहे दो भ्रूण में से एक भ्रूण अपने भाई या बहन को निगल जाता है और दूसरा बच्चा निगलने वाले बच्चे के पेट में पलने लगता है. मेडिकल में इस अवस्‍था को पेरासिटिक ट्विन कहा जाता है. कोई भी महिला इस कंडीशन की शिकार तब होती हैं जब एक जुड़वा बच्चे का विकास गर्भावस्था के दौरान रुक जाता है. हालांकि वह पूरी तरह विकसित होने वाले बच्चे से जुड़ा रहता है.

यही वजह थी कि डॉक्‍टरों ने समय से पहले ही महिला की डिलिवरी कराई क्‍योंकि उन्‍हें डर था कि बच्ची के गर्भ में पल रहा बच्चा बढ़ सकता है और उसके अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. इस बच्ची के जन्म के 24 घंटे बाद ही डॉक्टरों ने सी सेक्शन सर्जरी की.

भारत में भी कॉन्जॉइन ट्विन्स के मामले देखे गए हैं, जैसे बिहार में जन्मी लक्ष्मी जिसका जन्म चार पैरों और चार भुजाओं के साथ हुआ था.

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