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  • पुस्तक समीक्षा : हवा के ताजे झोंके की तरह है 'भीगी रेत'
    देश के मौजूदा सियासी माहौल में ये पंक्तियां कितनी मौजू हैं. लेखक और समाजसेवी रवि शर्मा का हालिया काव्य संग्रह 'भीगी रेत' ताजा हवा के झोंके की तरह है.
  • हिंदी के प्रख्यात आलोचक और साहित्यकार नामवर सिंह का निधन
    हिंदी के विख्यात आलोचक और साहित्यकार नामवर सिंह (Namvar Singh) का निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली के एम्स में आखिरी सांस ली. नामवर सिंह 93 वर्ष के थे. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक नामवर सिंह ने मंगलवार की रात 11.51 बजे आखिरी सांस ली.
  • समाज की कड़वी सच्चाई से रूबरू कराती 'अधूरी दास्तां'
    'अधूरी दास्तां' एक प्रेम कहानी है, जिसे विवेक और साक्षी के बीच बुना गया है. एक ही दफ्तर में काम करने वाले विवेक और साक्षी को प्यार हो जाता है. दोनों तमाम ख़्वाब बुनते हैं, लेकिन उनके ख़्वाब को समाज की नजर लग जाती है.
  • कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन
    हिंदी साहित्य (Hindi Literature) में कृष्णा सोबती (Krishna Sobti) एक अलग ही मुकाम रखती थीं और उनका व्यक्तित्व उनकी किताबों जितना ही अनोखा था. 1980 में कृष्णा सोबती को उनकी किताब 'जिंदगीनामा' के लिए साहित्य अकादेमी (Sahitya Akademi Award) से नवाजा गया था तो 2017 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ (Jnanpith) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  • शादी के बाद पैदा हुए परस्पर विश्वास और प्रेम की कहानी का लेखा जोखा है ‘सिडक्शन बाय ट्रूथ’
    कहानी के अनुसार शिव एक जाना-माना बुद्धिजीवी होता है. शिव को इस बात का पता है कि इंसान को अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए शादी ही पर्याप्त नहीं है. यही वजह है कि वह मन की जगह तर्क का सहारा लेता है. वह अपनी शादीशुदा जिंदगी के दौरान खुद को व्यभिचार के रास्ते की तरफ अग्रसर करता है. इस दौरान वह दो उद्देश्य तय करता है एक तो यह कि वह शादी के पीछे के मकदस को समझेगा और दूसरा यह कि अपनी इच्छाओं को दोबारा तलाशेगा. ठीक उसी तरह जिस तरह उसकी पत्नी ने किया था. इन दोनों ही उद्देश्य को पूरा करने के लिए उसने यह फैसला किया था कि वह अब से सिर्फ शादी-शुदा महिलाओं के साथ ही संबंध बनाएगा.
  • Lakshminama Book Review: धर्म, व्यापार और राजनीति का अर्थशास्त्र
    ये बयान तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर पुस्तक लक्ष्मीनामा में तमाम कहानियों के साथ पेश किया गया है जो किताब के दो पेज पढ़ने वाले को आगे के पृष्ठ पढ़ने के लिए खुद मजबूर करता है. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इन तीनों विषयों पर अलग-अलग किताबें तो अनेक लिखी गई हैं लेकिन तीनों के अंतर्संबंधों को उजागर करती हुई शायद हिंदी की यह पहली पुस्तक है.
  • प्रेम कथाओं का खूबसूरत संकलन है 'इश्क़ में शहर होना'
    पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी में साउथ एशिया स्टडी सर्किल में इस पर बातचीत हुई. इसका पाठ किया. मुंबई में टाटा लिट फेस्ट में कैरोल एंड्राडी ने 'टेक्स्ट एंड द सिटी' के नाम से चर्चा आयोजित की, जो मुझे इस किताब की अब तक की चर्चाओं में सबसे अधिक पसंद हैं.
  • World Book Fair 2019: शनिवार से शुरू होगा विश्व पुस्तक मेला, इस बार पाठकों के लिए खास इंतजाम
    किताबों का महाकुंभ यानी विश्व पुस्तक मेला (World Book Fair 2019) शनिवार से शुरू हो जाएगा. 13 जनवरी तक चलने वाले नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर (NDWBF) का उद्घाटन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे. नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी)  द्वारा आयोजित मेले (Book Fair) की थीम इस बार  'रीडर्स विद स्पेशल नीड्स' रखी गई है, जो खासतौर से विशेष बच्चों पर केंद्रित है.
  • Gopal Das Neeraj: कौन थे गोपालदास नीरज? जानिए उनके बारे में 10 बातें
    हिन्‍दी के मशहूर कवि और साहित्‍यकार गोपालदास सक्‍सेना उर्फ 'नीरज' (Gopal Das Neeraj) की आज जन्मतिथि है. कवि के अलावा गोपालदास नीरज गीतकार भी थे. उन्होंने हिन्‍दी फिल्‍मों के लिए कई गीत लिखें थे. गोपालदास नीरज का जन्‍म (Gopal Das Neeraj Birthday) 4 जनवरी 1925 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पुरावली गांव में हुआ था. नीरज को लोग आज भी उनके लिखे मशहूर गीतों के लिए याद करते हैं.
  • जब सफ़दर हाशमी को चुकानी पड़ी सच बोलने की कीमत, सरेआम की गई थी हत्या
    सफ़दर हाशमी (Safdar Hashmi) एक नाटककार, निर्देशक, गीतकार और कलाविद थे. सफ़दर हाशमी की आज पुण्यतिथि है. भारत में नुक्कड़ नाटक को आगे बढ़ाने में सफ़दर हाशमी का बेहद खास योगदान रहा है. सफ़दर ने अपने नाटकों के शोषित और वंचित लोगों की आवाज को बुलंद किया था.
  • FlashBack 2018: साल 2018 की वो 5 चर्चित किताबें, जो आपको जरूर पढ़नी चाहिए
    5 Most Popular Books of 2018: साल 2018 किताबों के लिए महत्वपूर्ण रहा. इस साल कहानी, उपन्यास, कविता, कथेतर और तमाम विधाओं में किताबें प्रकाशित हुईं और इन किताबों की खूब चर्चा भी हुई.
  • जेलों में रचनात्मकता पर पहली कॉफी टेबल बुक 'तिनका-तिनका मध्यप्रदेश' का विमोचन
    जेलों में कला, रचनात्मकता और परिवर्तन का संगम है- तिनका-तिनका मध्य प्रदेश. इस किताब का विमोचन सोमवार को गृह राज्यमंत्री किरेन रिजीजू ने किया. जेल सुधारक वर्तिका नन्दा द्वारा लिखित यह पुस्तक 19 लोगों के जरिए जेल की कहानी कहती है.
  • Book Review: पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की वजहों और उनके व्यक्तित्व को खंगालती 'Illiberal India'
    यूं तो गौरी लंकेश और चिदानंद राजघाटा शादी के कुछ सालों बाद ही अलग हो गए थे, लेकिन वे हमेशा अच्छे दोस्त रहे. तलाक के करीब 4 साल बाद चिदानंद राजघाटा अमेरिका बस गए, लेकिन गौरी से बातचीत जारी रही. वह लिखते, 'मैंने कई वर्षों तक फेसबुक पर गौरी के फ्रेंड रिक्वेस्ट को इग्नोर किया,क्योंकि वह बहुत जल्द गुस्सा हो जाती थी. मुझे इससे डर लगता था
  • साहित्य अकादेमी मंगलवार को दिल्ली में आयोजित करेगा मैथिली काव्योत्सव
    राष्ट्रीय राजधानी के मंडी हाउस इलाके में स्थित साहित्य अकादेमी की ओर से रवींद्र भवन के सभागार में 25 सितंबर को अखिल भारतीय मैथिली काव्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन सुबह 10 बजे शाम 6 बजे तक चलेगा. साहित्य अकादेमी की विज्ञप्ति के अनुसार, उद्घाटन सत्र में प्रेम मोहन मिश्र आरंभिक वक्तव्य देंगे.
  • तैमूर के बाद करीना कपूर ने यूं देसी खाने से कम किया वजन, हेल्थ एक्सपर्ट ने खोले राज़
    ऋजुता दिवेकर न्यूट्रिशन एंड एक्सरसाइज एक्सपर्ट हैं, जिन्होंने ना सिर्फ करीना कपूर को एक बार फिर ज़ीरो फिगर लौटाया बल्कि वो आम महिलाओं को भी एक हेल्दी बॉडी बनाने के सीक्रेट्स बताती रहती हैं.
  • Book Review: राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष थे अटल बिहारी वाजपेयी
    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एक राजनीतिज्ञ, कवि और पत्रकार थे. अटल जी राजनेता और कवि दोनों के रूप में आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. लेकिन अटल जी राजनेता और कवि के साथ-साथ राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष भी थे. राजनेता बनने से पहले अटल जी एक पत्रकार थे. उन्होंने राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने और पत्रकारों की आवाज बुलंद करने में अपना खास योगदान दिया था. अटल जी के जीवन पर कई किताबें लिखी गई हैं. लेकिन आज हम एक ऐसी किताब कि बात कर रहें हैं, जिसमें उनके पत्रकारीय जीवन पर प्रकाश डाला गया है. डॉ. सौरभ मालवीय की किताब ‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी’ में अटल जी के पत्रकारीय जीवन के बारें में बखूबी लिखा गया है.
  • हिंदी दिवस 2018 : 1949 में आज ही के दिन मिला था हिंदी को राजभाषा का दर्जा, जानें 10 रोचक तथ्य
    बहुत सी बोलियों और भाषाओं वाले हमारे देश में आजादी के बाद भाषा को लेकर एक बड़ा सवाल आ खड़ा हुआ. आखिरकार 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया. हालांकि शुरू में हिंदी और अंग्रेजी दोनो को को नए राष्ट्र की भाषा चुना गया और संविधान सभा ने देवनागरी लिपि वाली हिंदी के साथ ही अंग्रेजी को भी आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया, लेकिन वह 14 सितंबर 1949 का दिन था, जब संविधान सभा ने हिंदी को ही भारत की राजभाषा घोषित किया.
  • नसीरुद्दीन शाह दिल्ली के उर्दू कवियों पर किताब का विमोचन करेंगे
    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता नसीरुद्दीन शाह 17 सितम्बर को यहां 'बिलव्ड डेल्ही : ए मुगल सिटी एंड हर ग्रेटेस्ट पोएट्स' किताब का विमोचन करेंगे जिसके लेखक दिल्ली के सैफ महमूद हैं. एक बयान के अनुसार, किताब पर नसीरुद्दीन शाह और गीतकार कौसर मुनीर के बीच चर्चा होगी.
  • अमृता प्रीतम की जिंदगी में खास रही 31 तारीख, प्रेम के लिए तलाशा खुद का ठीहा
    Amrita Pritam: गुजरांवाला पंजाब में आज के ही दिन यानी 31 अगस्त, 1919 में पैदा अमृता प्रीतम का बचपन लाहौर में बीता. सरस्वती की कृपा से उनकी लेखनी किशोर होते होते ही चल पड़ी और अपने जीवनकाल में उन्होंने सौ से ज्यादा कृतियां लिखीं जिनमें कविताएं, कहानियां, उपन्यास, संस्मरण, जीवनी व उनकी अपनी आत्मकथा रसीदी टिकट प्रमुख हैं.
  • साहित्य अकादमी को हिंदी प्रकाशन के लिए मिला FICCI पुरस्कार
    फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने साहित्य अकादमी को अपना 'बुक ऑफ द ईयर' प्रकाशन पुरस्कार प्रदान किया है. यह पुरस्कार साहित्य अकादमी के शीर्षक 'नागफनी वन का इतिहास' के लिए दिया गया है.
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