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साहित्य

  • हर उपन्यास पर फिल्म बने, यह जरूरी नहीं: नंदिता दास
    अपनी फिल्म 'मंटो' की तैयारी कर रहीं अभिनेत्री और निर्देशक नंदिता दास का कहना है कि उपन्यास और फिल्म दो अलग-अलग माध्यम हैं और दोनों की लोकप्रियता अलग-अलग मायने में है. इसलिए, यह जरूरी नहीं कि हर उपन्यास को फिल्म में तब्दील किया जाए.
  • पी. जयरामन सहित 22 को दिया जाएगा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार
    तमिल, हिन्दी और संस्कृत के विद्वान और लेखक पी. जयरामन सहित 22 भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का 'साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार' दिया जायेगा. अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासन राव ने बताया कि अकादमी के अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी मंडल की बैठक में 22 भारतीय भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का 'साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार' दिया जायेगा.
  • यहां मिलेगी 62 भाषाओं में बच्चों की कहानियां
    मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रथम बुक्स ने बच्चों के लिए एक अनोखी स्टोरीबैंक स्टोरीवीवर पेश की है, जहां वे निशुल्क अपनी पसंद की पुस्तकें अपनी भाषा में पढ़ सकते हैं. इस मंच पर दुनिया की 62 भाषाओं की 2800 कहानियां डिजिटल रूप में उपलब्ध हैं, जिसमें हिंदी की 385 कहानियां शामिल हैं. स्टोरीवीवर का प्रयोग भारत, फिलीपींस, इंडोनेशिया और बांग्लादेश के लोग खासतौर पर कर रहे हैं.
  • अन्नू कपूर की 4 पुस्तकें जल्द होंगी लोगों के बीच
    दिग्गज अभिनेता अन्नू कपूर अपनी चार पुस्तकों का प्रकाशन कराने जा रहे हैं, जो अप्रैल तक संभवत: लोगों के बीच होगी. उन्होंने अपने 61वें जन्मदिन पर इस बात की घोषणा की. उनका जन्मदिन 20 फरवरी को था.
  • वेद प्रकाश शर्मा : भाषा का उत्कर्ष दिखाने वाला चश्मा उतारकर भी देखें इन्हें
    ये वो दिन थे जब ‘नंदन’, ‘चंपक’ और ‘नन्हें सम्राट’ पढ़ने में उम्र विद्रोह करने लगा था. ‘सुमन सौरभ’ और ‘विज्ञान प्रगति’ के दिन आ गए थे जिसे पढ़ने के बाद लगता था कि कुछ तो बड़े होने लगे हैं. ऐसे ही दिनों में मुझे गांव में विमल भैया की आलमारी मिली. इससे होकर एक ऐसी दुनिया की खिड़की खुली जहां रोमांच था, दिमागी कसरत थी और उत्सुकता थी. ऊपर कोने से मोड़े गए पन्ने जो बुकमार्क का काम करते थे वापस बुलाते रहते थे कि यहां से आगे बढ़कर क्लाइमेक्स तक पहुंचो. ये आलमारी बड़की मां के कमरे में थी, जहां कोई यह कहने नहीं आता था कि ‘इसको पढ़ने की तुम्हारी उम्र नहीं’. आलमारी की तरतीब जब तक न बिगड़े, भैया के भी बिगड़ने की संभावना नहीं थी. एक दिन यहीं मिले वेद प्रकाश शर्मा और ‘जिगर का टुकड़ा’ एक मोटा सा खुरदरे पन्ने वाला उपन्यास. बाद में पता चला था कि इसे लुगदी उपन्यास कहते हैं यानि पल्प फिक्शन.
  • कैंसर पर आ रही है कॉमिक बुक, देगी आपको प्ररेणा
    कैंसर से जूझ चुके लोगों की प्रेरणादायक कहानियों को साझा करने वाली एक कॉमिक पुस्तक जल्द बाजार में आने वाली है. बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन और रतन टाटा ने लेखिका नीलम कुमार को इस अच्छी पहल के लिए धन देने का वायदा किया है. नीलम कैंसर से पीड़ित थीं. नीलम पुरस्तक में कैंसर की लड़ाई जीत चुके लोगों की प्रेरणादायक कहानियों को साझा करेंगी.
  • प्रेमचंद के लेखन ने बदली हिंदी-उर्दू साहित्य की दिशा
    प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद के पौत्र आलोक राय का कहना है कि होरी और गोबर जैसे पात्रों के रचियता ने अपने ‘आधुनिक दृष्टिकोण’ और सहज अभिव्यक्ति से हिंदी तथा उर्दू साहित्य की दिशा बदल दी.
  • जोगिन्दर पाल की ‘नदीद’ पर बोले गुलजार : आंखें बंद करके पढ़िए
    लोकप्रिय उर्दू कवि जोगिन्दर पाल की किताब ‘‘नदीद’’ अपने भीतर बहुत सी परतें समेटे हुए है और जो भी इसे पढ़े उसे आंखें बंद कर मन की आंखों को खोल कर पढ़ना चाहिए.‘नदीद’ के बारे में ये राय प्रख्यात फिल्म निदेशक, गीतकार और गजलकार गुलजार साहब का कहना है.
  • गुलजार ने उर्दू की लिपि को बचाने की जरूरत बताई, रेख्ता ने शुरू की उर्दू सीखने की वेबसाइट
    उर्दू को गीतों की जुबां में सजाने वाले मशहूर गीतकार गुलज़ार ने आज उर्दू की लिपि को बचाए जाने की जरूरत बताई. नई दिल्ली में 'जश्न-ए-रेख्ता' के उद्घाटन सत्र में उन्होंने यह बात कही. इसी सत्र में रेख्ता फाउंडेशन की ओर से उर्दू जुबां को ऑनलाइन सीखने के लिए एक वेबसाइट 'आमोजिश डॉट कॉम' शुरू की गई है.
  • अदालत ने कोलकाता के पत्रकार को मन्ना डे पर आधारित पुस्तक के प्रकाशन से रोका
    बेंगलुरू की एक दीवानी अदालत ने कोलकाता के एक पत्रकार और पांच अन्य प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक दिवंगत गायक मन्ना डे के परिवार के खिलाफ एक 'विवादित' किताब के प्रकाशन से रोक दिया.
  • हेमा मालिनी के एक्‍ट्रेस से नेता बनने तक के सफर पर आएगी किताब
    ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की एक अभिनेत्री, नृत्यांगना और फिल्म निर्माता से लेकर नेता बनने तक के सफर को एक किताब में कलमबद्ध किया गया और यह किताब इस वर्ष अक्तूबर में उनके 69वें जन्मदिन पर दुकानों पर उपलब्ध होगी.
  • दुनिया भर से बच्चों के पास है नेल्सन मंडेला को संदेश देने का मौका...
    दक्षिण अफ्रीका के प्रतिष्ठित नेता नेल्सन मंडेला पर लिखी जा रही पुस्तक में अब दुनिया भर के बच्‍चे अपने मन की बात लिख सकते हैं. इसके लिए दक्षिण अफ्रीका में नेल्सन मंडेला को हिंदी सहित अपनी पसंद की भाषा में पत्र लिखने के दुनिया भर से बच्चों को बुलाया जाएगा. यह पुस्‍तक नेता की जयंती के मौके पर आएगी.
  • पटना बुक फेयर: अंतिम दिन पुरस्कार वितरण व परिचर्चा का दौर चला
    बिहार की राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 11 दिन चले पटना पुस्तक मेले के अंतिम दिन पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया और 'प्रेम, सेक्स और साहित्य' विषय पर परिचर्चा हुई. साथ ही राम भगवान सिंह को 'बिहार भारती सम्मान' दिया गया.
  • उस्ताद अमजद अली खान ने किया काव्य-संग्रह का विमोचन
    विदेश सेवा के अधिकारी के तौर पर विभिन्न देशों में सेवा देने के दौरान भी राजनयिक मधुप मोहता का हिंदी और कविता प्रेम नहीं छूटा और वह प्रेम कविताएं लिखते रहे जिन्हें अब पुस्तक की शक्ल में प्रकाशित किया गया है.
  • पटना पुस्तक मेला बना 'सांस्कृतिक महाकुंभ', ऐसा रहा है इसका इतिहास
    बिहार की राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में चल रहे 11 दिनों के पुस्तक मेले ने अब राज्य के लिए 'सांस्कृतिक महाकुंभ' का रूप ले लिया है. हर साल लगने वाले इस पुस्तक मेले का गौरवशाली इतिहास रहा है.
  • पटना पुस्तक मेले में कथाकार शेखर और मुकुल कुमार की नई किताब का लोकार्पण
    बिहार की राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में चल रहे 11 दिवसीय पटना पुस्तक मेले में शनिवार को आठवें दिन 'मोटिवेशन-शो' का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने जाना कि 'मंजिल चलकर आएगी कैसे'. साथ ही कथाकार शेखर और मुकुल कुमार की पुस्तक 'एज ब्वॉयज बिकम मैन' का लोकार्पण किया गया. सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित 23वें पटना पुस्तक मेले में 'मोटिवेशन-शो' के दौरान युवाओं को बताया गया कि मंजिल चलकर कैसे आएगी. इस मौके पर लक्ष्य को पाने के लिए 'सक्सेस के साइंस' पर भी चर्चा हुई.
  • अक्खड़ बनारसी के प्रतिरूप मशहूर कवि और साहित्यकार पंडित धर्मशील चतुर्वेदी नहीं रहे
    कवि सम्मेलनों में अपने ठहाके से ही रस भरने वाले मशहूर कवि और साहित्यकार धर्मशील चतुर्वेदी का शनिवार दोपहर को निधन हो गया. पं. धर्मशील चतुर्वेदी सांस की तकलीफ से परेशान थे और बीते दो महीने से उनकी ये परेशानी ज़्यादा बढ़ गई थी.
  • स्त्रियां अब सिर्फ 'किचन' की बात नहीं करतीं : डॉ. उषा किरण खान
    हिंदी और मैथिली की जानी-मानी लेखिका और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. उषा किरण खान का मानना है कि अब स्त्रियां सिर्फ किचन की ही बात नहीं करतीं, बल्कि उनमें साहित्य के प्रति भी अभिरुचि बढ़ी है.
  • पटना पुस्तक मेला: बच्चों की भाषणकला ने सबको किया दंग
    पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित 23वें पटना पुस्तक मेले में स्कूली बच्चों की भाषणकला देख अभिभावक और शिक्षक भी दंग रह गए. छठे दिन 'मेनस्ट्रीम मीडिया बनाम अल्टरनेटिव मीडिया' पर परिचर्चा का आयोजन किया गया और कई पुस्तकों का लोकार्पण किया गया
  • दिल्ली में शुरू हुआ साहित्य महोत्सव
    विलियम डेलरिंपल, अशोक वाजपेयी और तसलीमा नसरीन जैसी साहित्यक हस्तियां आज से शुरू हुए दिल्ली साहित्य महोत्सव में भाग लेंगी. युवा लेखकों को अवसर प्रदान करने और साहित्य का प्रचार करने के उद्देश्य के साथ इस वार्षिक साहित्य महोत्सव ने 2013 में अपनी स्थापना के बाद से प्रसिद्धि पाई है. इसमें पुरस्कार विजेता लेखक, राजनेता, राजनयिक और प्रकाशक अपने दृष्टिकोण को साझा करते हैं.

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