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वोटरों को लुभाने के लिए 'हिन्दुत्व कार्ड ' के बाद अब इसका सहारा ले रही हैं साध्वी प्रज्ञा

बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) मतदाताओं को रिझाने के लिए कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहती है. यही वजह है कि वह हिंदुत्व कार्ड की जगह अब इमोशनल कार्ड प्ले कर रही हैं.

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वोटरों को लुभाने के लिए 'हिन्दुत्व कार्ड ' के बाद अब इसका सहारा ले रही हैं साध्वी प्रज्ञा

वोटरों को लुभाने में जुटी साध्वी प्रज्ञा

खास बातें

  1. मतदाताओं के बीच पर्चे बंटवा रही हैं साध्वी प्रज्ञा
  2. पर्चों में अपने साथ हुए प्रताड़ना का भी जिक्र
  3. भोपाल से बीजेपी की उम्मीदवार हैं साध्वी प्रज्ञा
भोपाल:

इस लोकसभा चुनाव में भोपाल की सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. बीजेपी ने इस सीट से साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay singh) को मौका दिया है. लिहाजा दोनों ही उम्मीदवार इस सीट को जीतने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) मतदाताओं को रिझाने के लिए कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहती है. यही वजह है कि वह हिंदुत्व कार्ड की जगह अब इमोशनल कार्ड प्ले कर रही हैं. लोगों से समर्थन मांगने के लिए साध्वी ने अपने नाम से पर्चे छपवाएं हैं. इनमें वोट देने से जुड़ी एक भावुक अपील है. इन पर्चों में प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) ने अपने साथ हुई प्रताड़ना का भी जिक्र किया है.

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बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) के प्रचार के लिए कर्नाटक से भी कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे हैं. एनडीटीवी ने ऐसे ही कुछ कार्यकर्ताओं से बात की. ऐसे ही एक कार्यकर्ता मदुगिरी मोदी ने बताया कि वह दीदी (प्रज्ञा) के प्रचार के लिए दो हजार किलोमीटर दूर से आए हैं. उन्होंने बताया कि वह प्रज्ञा का प्रचार इसलिए कर रहे हैं क्योंकि धर्म विरोधी लोगों ने साध्वी प्रज्ञा को जेल के अंदर रखा था.

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वहीं साध्वी प्रज्ञा ने बातचीत में कहा कि वह इस बार कांग्रेस का स्वास्थ्य ठीक करने निकली हैं. बीजेपी के प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा कि प्रज्ञा जी का मुकाबला झूठे बंटाधार करने वाले दिग्विजय सिंह है, प्रज्ञा जी की पीड़ा की जनता के सामने लाते हैं तो कांग्रेस बौखला जाती है. इन सब के बीच दिग्विजय भी चुनाव प्रचार में पसीना बहा रहे हैं. बता दें कि भोपाल में 12 मई को मतदान होना है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले साध्वी प्रज्ञा ने दिग्विजय सिंह को आंतकवादी बताया था. उन्होंने यह बयान सीहोर में चुनाव प्रचार कार्यालय का उद्घाटन करते हुए दिया था. भोपाल संसदीय क्षेत्र के सीहोर में प्रचार कार्यालय का उद्घाटन करते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने दिग्विजय सिंह पर हमला करते हुए कहा था कि राज्य में 16 साल पहले उमा दीदी ने हराया था और वह 16 साल मुंह नहीं उठा पाया, और राजनीति कर लेता इसकी कोशिश नहीं कर पाया. अब फिर से सिर उठा है तो दूसरी संन्यासी सामने आ गई है जो उसके कर्मो का प्रत्यक्ष प्रमाण है.

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उन्होंने कहा था कि एक बार फिर ऐसे आतंकी का समापन करने के लिए संन्यासी को खड़ा होना पड़ा है. भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है. भाजपा और भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर लगातार दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पर हमले कर रहे हैं. इससे पहले प्रज्ञा ने मुम्बई में आतंकवादियों की गोली से शहीद हुए एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे की शहादत को लेकर विवादित बयान दिया था.

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उन्होंने मालेगांव बम धमाके के मामले में हुई गिरफ्तारी के दौरान हेमंत करकरे को दिए गए श्राप का जिक्र करते हुए कहा था, "उस समय मैंने करकरे से कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था और सवा माह के भीतर ही आतंकवादियों ने उसे मार दिया था. हिदू मान्यता है कि परिवार में किसी का जन्म या मृत्यु होने पर सवा माह का सूतक लगता है। जिस दिन करकरे ने सवाल किए, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था, जिसका अंत आतंकवादियों द्वारा मारे जाने से हुआ."

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इस मामले के तूल पकड़ने पर प्रज्ञा को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया था, जिसका उनकी ओर से जवाब दिया गया था. उन्होंने अपने जवाब में कहा था "मैंने शहीद का अपमान नहीं किया है. मुझे जो यातनाएं दी गई केवल उसी का जिक्र किया है." वहीं अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराए जाने को लेकर दिए गए बयान पर प्रज्ञा के खिलाफ चुनाव आयेाग ने प्रकरण भी दर्ज कराया है. प्रज्ञा ने विवादित ढांचे को गिराए जाने को गर्व का विषय बताया था, साथ ही विवादित स्थान पर भव्य राम मंदिर बनने की बात कही थी.

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