दिल्ली के दंगों के मद्देनजर यूपी के अयोध्या, काशी, मथुरा समेत कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ी

मायावती ने दिल्ली को दंगों को 1984 के सिख विरोधी दंगों जैसा बताया, अखिलेश यादव ने कहा- बीजेपी ने पोलराइज़ेशन करने और मुद्दों से ध्यान हटाने लिए दंगे करवाए

दिल्ली के दंगों के मद्देनजर यूपी के अयोध्या, काशी, मथुरा समेत कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ी

दिल्ली में दंगों के मद्देनजर यूपी के संवेदनशील शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है (प्रतीकात्मक फोटो).

खास बातें

  • लखनऊ,कानपुर,अलीगढ़ समेत कई जगहों पर महिलाओं का धरना चल रहा
  • पुलिस महिलाओं को समझा रही है कि वे किसी अफवाह से भ्रमित न हों
  • कई धर्मगुरुओं ने दंगों के शिकार दूसरे मज़हब वालों की मदद करने की अपील की
लखनऊ:

दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अब मायावती ने दिल्ली को दंगों को 1984 के सिख विरोधी दंगों जैसा बताया है. जबकि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि बीजेपी ने पोलराइज़ेशन करने और मुद्दों से ध्यान हटाने लिए दंगे करवाए हैं. उधर दिल्ली दंगों के मद्देनज़र यूपी में अयोध्या,काशी, मथुरा समेत सभी संवेदनशील जिलों में सिक्यूरिटी और निगरानी बढ़ा दी गई है. बंटवारे के बाद पहली बार दिल्ली में हिंदू-मुस्लिम दंगे हुए. उस दिल्ली में जिसमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, राष्ट्रपति और पूरी केन्द्र सरकार रहती है. दंगाई बेखौफ़ तोड़फोड़, आगज़नी, लूटपाट करते रहे और तीन दर्जन से ज़्यादा लोगों को क़त्ल कर दिया. दिल्ली पुलिस पर आरोप है कि उसने भी दंगाइयों का साथ दिया.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने के लिए बीजेपी ने दंगा कराया है ताकि साम्प्रदायिक उन्माद में लोग बुनियादी मुद्दे भूले रहें. पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि चूंकि इनवेस्टमेंट नहीं आया है तो दंगे के बहाने इनवेस्टमेंट छिप जाएगा. दंगे के बहाने आप काले धन की बात नहीं करोगे. दंगे के बहाने यह बात नहीं करोगे कि हमारे बैंक डूब गए. इलाहाबाद इकलौता बैंक था, हमारे इलाहाबाद,उत्तर प्रदेश के नाम पर.वे बैंक डूब गया. कोई पूछेगा उसके बारे में. बैंक घाटे में चले गए. जीएसटी से व्यापारी आत्महत्या कर रहा है. कोई नहीं पूछेगा, दंगा हो जाएगा तो.

यूपी में लखनऊ,कानपुर,अलीगढ़ समेत तमाम जगहों पर सीएए/एनआरसी के खिलाफ महिलाओं का धरना चल रहा है. सभी धरनों पर फोर्स बढ़ा दी गई है. और पुलिस महिलाओं को समझा रही है कि वे किसी अफवाह में ना आएं. किसी के बहकावे में कोई काम न करें और विरोध का गांधीवादी तरीका बरकरार रखें.

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यूपी के आईजी लॉ आंड ऑर्डर विजय भूषण ने कहा कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को वहां पर फोर्स का असेसमेंट करने के लिए, उपकरणों की सुचारू व्यवस्था करने के लिए और वहां पर क़ानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए मुख्यालय से भेजा जा रहा है. एक्स्ट्रा  फोर्स इन जनपदों को पीएसी के रूप में उपलब्ध कराई गई है.

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दिल्ली से लगे और साम्प्रदायिक तौर पर संवेदनशील जिन जिलों में खास निगरानी रखी जा रही है उनमें नोयडा, गाज़ियाबाद, अलीगाढ़, मेरठ, संभल, बुलंदशहर, सहारनपुर, मथुरा, आज़मगढ़, रामपुर, आगरा, वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ शामिल हैं.

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कई धर्मगुरुओं ने भी दंगों के शिकार दूसरे मज़हब वालों की मदद करने की अपील की है ताकि दोनों क़ौमों का एक-दूसरे पर भरोसा बना रहे. पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम इत्तेहादस, हिंदू-मुस्लिम एकता ही इस मुल्क की शान है और इस मुल्क की रवादारी है. और इस मुल्क की गंगा-जमुनी तहज़ीब पर कोई आंच ना आने दें. तमाम लोग अपने पड़ोसियों पर पूरा यकीन रखें और जिन लोगों का नुक़सान हुआ जानी या माली, उसमें सब लोग मिलकर के एक-दूसरे की मदद करें.

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