ये है जापान का सबसे 'अकेला' गांव, रहते हैं सिर्फ 27 लोग, पुतलों से करते हैं टाइम पास, देखें VIDEO

इन पुतलों को तैयार करने के बारे में बताते हुए कहा कि वो लकड़ी की डंडियों के इन्हें बनाती हैं. न्यूज़पेपर के शरीर को भरती हैं. इलास्टिक के स्किन बनाती हैं. फैब्रिक से स्किन बनाती हैं और ऊन से बाल बनाती हैं. इन पुतलों को इंसानों की तरह दिखाने के लिए वो गालों और होंठों को गुलाबी रंग से रंग देती हैं. 

ये है जापान का सबसे 'अकेला' गांव, रहते हैं सिर्फ 27 लोग, पुतलों से करते हैं टाइम पास, देखें VIDEO

गांव के सबसे छोटे आदमी की उम्र 55 साल...

जापान:

बीते कुछ सालों में जापान की जनसंख्या में काफी गिरावट आई है. शहरों से लेकर गांवों में, हर जगह आबादी कम होती जा रही है. जापान का एक गांव ऐसा भी है जहां सिर्फ कुल 27 लोग ही रहते हैं. पश्चिमी जापान के शिकोकू टापू पर बसा नागोरो गांव में एक भी बच्चा नहीं है. यहां लोग अपना सूनापन दूर करने के लिए घरों के बाहर पुतले रखते हैं. 

इस गांव में रहने वाली 69 साल की सुकिमी आयनो नाम की महिला ने इंसान जितने बड़े पुतले बनाने की शुरूआत की. इनका कहना है कि इस गांव में सिर्फ 27 लोग रहते हैं, लेकिन यहां पुतलों की संख्या 270 है. 

बेटे को गोदी में उठा झुला रही थी मां, तभी आई गाड़ी और...27 साल बाद फिर मिले दोनों

इन पुतलों को बनाने की शुरुआत 16 साल पहले हुई. सुकिमी ने पहला पुतला बनाया और उसे अपने पिता के कपड़े पहना दिए. इन पुतलों को बनाने का मकसद था बगीचे के पौधों को बचाना. सुकिमी ने पुतला बनाकर बगीचे में रख दिया ताकि कोई पक्षी फसलों को खराब ना करें.

जापान में पहली बार कोई चुनाव जीतने वाले भारतीय शख्स बने 'योगी', जानिए इनके बारे में खास बातें

उन्होंने इन पुतलों को तैयार करने के बारे में बताते हुए कहा कि वो लकड़ी की डंडियों के इन्हें बनाती हैं. न्यूज़पेपर के शरीर को भरती हैं. इलास्टिक के स्किन बनाती हैं. फैब्रिक से स्किन बनाती हैं और ऊन से बाल बनाती हैं. इन पुतलों को इंसानों की तरह दिखाने के लिए वो गालों और होंठों को गुलाबी रंग से रंग देती हैं. 

ये पुतले हर गली के कोने और घरों के बाहर रखे जाते हैं.

पहले जबरन की नसबंदी, अब माफी मांग सरकार दे रही है 20 लाख का मुआवजा

सुकिमी ने आगे बताया कि इस गांव में कोई बच्चा नही है. यहां सबसे छोटे आदमी की उम्र 55 साल है. इस गांव के लोग शहरों में पलायन कर गए. इस वजह से सिर्फ ये डॉल्स ही अकेलापन दूर करती हैं.

अमेरिकी ने शख्स को ट्रक से बांधकर घसीटा, पुलिस ने इंजेक्शन से दी सजा-ए-मौत

सुकिमी ने कहा कि इन डॉल्स की वजह से नागोरो गांव में टूरिस्ट्स आने लगे हैं. आशा करती हूं कि जल्द ही ये गांव फिर से असली इंसानों से भर जाएगा. 

पढ़ने-लिखने में हाथ तंग, तो भी पढ़ सकते हैं ये किताब, देखिए दुनिया की पहली अनोखी Book

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

26 साल पहले एक दिन एक ही अस्पताल में जन्में थे ये दोनों, अब करने जा रहे हैं ऐसा



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)