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Aamir Khan ने बदला अपना फैसला , अब Gulshan Kumar की बायोपिक 'मोगुल' में करेंगे काम

आमिर खान (Aamir Khan) ने गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) की बायोपिक से अलग हटने के अपने फैसले को बदल दिया है.

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Aamir Khan ने बदला अपना फैसला , अब  Gulshan Kumar की बायोपिक  'मोगुल' में करेंगे काम

आमिर खान (Aamir Khan)

नई दिल्ली:

आमिर खान (Aamir Khan) ने गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) की बायोपिक से अलग हटने के अपने फैसले को बदल दिया है. इस बारे में हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए, आमिर ने निश्चित रूप से निर्देशक के साथ काम करके एक नई मिसाल कायम की है और शेयर किया है कि उनका निडर कदम इस तथ्य से है कि एक व्यक्ति दोषी साबित होने तक निर्दोष है और अदालत न्याय का साथ देगी. पिछले साल अक्टूबर में आमिर खान (Aamir Khan)ने ट्वीट किया था कि वह 'मोगुल' का हिस्सा नहीं होंगे, लेकिन अब उन्होंने अपना फैसला बदल दिया है.

 मोगुल में वापसी पर लिए गए इस अचानक बदलाव पर हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए आमिर खान (Aamir Khan)  ने शेयर किया, “खैर, किरण और मैं मोगुल का निर्माण कर रहे थे और मैं इसमें अभिनय कर रहा था. जब हम फिल्म कर रहे थे तो हमें नहीं पता था कि माननीय सुभाष कपूर के खिलाफ एक मामला चल रहा है. मेरा मानना है कि यह पांच या छह साल पुराना मामला है.  हम मीडिया स्पेस में बहुत ज्यादा नहीं हैं, इसलिए मुझे लगता है कि इस पर हमारा ध्यान नहीं गया. पिछले साल, मी-टू मूवमेंट के दौरान, यह मामला सामने आया था और जब हमें इसके बारे में पता चला, हम बेहद परेशान हो गए थे. किरण और मैंने इसके बारे में विस्तार से बात की थी. हम एक सप्ताह से अधिक समय से बड़ी दुविधा में थे. ” 

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सुभाष कपूर के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बात करते हुए आमिर खान (Aamir Khan) ने कहा, "यह वास्तव में हमें परेशान कर रहा था क्योंकि हमें लगा कि हमारी कार्रवाई ने अनजाने में एक व्यक्ति को परेशानी में डाल दिया जो इस मामले में अपनी आजीविका खोने की कगार पर है, और कब तक? क्या यह एक वर्ष के लिए है? या दस साल? हम नहीं जानते. अगर वह निर्दोष हुए तो क्या होगा? हम बहुत परेशान थे. कानून किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष मानता हैं जब तक कि वह दोषी साबित न हो जाए. लेकिन जब तक अदालत किसी नतीजे पर नहीं पहुँचतीं, तब तक क्या उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए?  क्या उन्हें सिर्फ घर पर बैठना चाहिए ? क्या वे खुद के लिए आमदनी नहीं कमा सकते?  और इसलिए, हम कई महीनों तक इस परेशान स्थिति में थे. मैं रात को सो नहीं पाया क्योंकि मैं लगातार महसूस करता था कि मेरे कार्य ने अनजाने में एक व्यक्ति को नुकसान पहुंचाया है, जिसके अपराध के बारे में मुझे आईडिया नहीं है, जो काम करने और अपनी आजीविका कमाने का अधिकार खो देगा." 

आमिर खान (Aamir Khan) ने व्यक्त किया कि बिना किसी फैसले के किसी को काम न देना कितना अनुचित है क्योंकि अभी तक अदालत ने अपना फैसला नहीं सुनाया है. हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में, आमिर ने आगे कहा कि कैसे उन्होंने यह साहसिक कदम उठाया, "इस साल मई के महीने में, लगभग चार महीने पहले, मुझे IFTDA से एक पत्र मिला. IFTDA एक निर्देशक संघ है. मुझे लगता है कि काम पाने के अपने प्रयासों में मिस्टर कपूर ने अपने इंस्टिट्यूशन IFTDA को लिखा था. इसलिए, उन्होंने मुझे एक पत्र भेजा, जिसमें लिखा गया था कि उनका मामला पक्षपातपूर्ण है, और मुझे उनके मामले पर फैसला करने के लिए अदालत का इंतजार करना चाहिए और ऐसे समय तक उन्हें अपनी कमाई का अधिकार नहीं खोना चाहिए। सभी निष्पक्षता में, वे दोषी साबित नहीं हुए है. इसलिए, कृपया ऐसा कुछ न करें जो उनके लिए नुकसानदेह है. वह हमारे एसोसिएशन के सदस्य है. आप हमारी एसोसिएशन के सदस्य हैं. और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि उसे काम नहीं मिल रहा है. ऐसे में वो क्या करेंगे? उन्होंने मुझसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की.  जब मैंने वह पत्र पढ़ा तो मुझे और भी अधिक कसूरवार महसूस होने लगा. शायद, हम गलत काम कर रहे हैं." 

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आमिर खान (Aamir Khan) ने आगे कहा, हमने अपनी असुविधा को दूर करने के लिए एक और काम करने का फैसला किया. हमने बहुत सी महिलाओं से मिलने का फैसला किया, जिन्होंने मिस्टर कपूर के साथ काम किया था. इससे हम यह पता लगाना चाहते थे, कि क्या अन्य महिलाएं भी उनके साथ असहज हैं? क्या किसी अन्य महिला का भी ऐसा कोई अनुभव था जहां वह असहज महसूस कर रहीं थी. यदि ऐसा है, तो यह हमें निश्चित कर देगा कि हम उनके साथ आगे नहीं जाना चाहते हैं. इसलिए हमने वह अभ्यास शुरू किया. हम लगभग 10-12 महिलाओं से मिले या उनके साथ बात की जिन्होंने उनके साथ काम किया था, हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट, असिस्टेंट डायरेक्टर्स, कॉस्ट्यूम अस्सिस्टेंट, इत्यादि," अभिनेता ने साझा किया. मामले में और गहराई से जाने और फिर निर्णय पर आने के लिए सही आह्वान के साथ, आमिर ने यह भी साझा किया कि निष्कर्ष कैसे थे, “हमने जो पाया, बिना किसी संदेह के, सभी मिस्टर कपूर के पक्ष में नज़र आये. न केवल उन्होंने उनके साथ कोई असुविधा महसूस की, बल्कि वे उनकी प्रशंसा करते नज़र आये. 

उन्होंने कहा कि वह अपने सेट पर सभी का बहुत ध्यान रखते थे. देखभाल करने वाले, संवेदनशील और सहायक, ये वे शब्द थे जो उनके वर्णन के लिए इस्तेमाल किये गए थे. लेकिन आपको बता दें कि किरण और मैं दोनों पूरी तरह से जानते हैं कि भले ही इन महिलाओं को मिस्टर कपूर के साथ काम करने का बहुत अच्छा अनुभव रहा होगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी अन्य महिला के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर सकते थे. हालांकि, मैं इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि जिन महिलाओं ने उनके साथ काम किया था, उनके साथ इस बातचीत से हमें सुकून मिला था. और इसलिए, सब कुछ ध्यान में रखते हुए, मैंने IFTDA को यह कहते हुए वापस एक पत्र लिखा कि मैंने अपने निर्णय पर पुनर्विचार किया है, और मैं फिल्म पर वापसी करूंगा.”

अपने इस निर्णय पर पुर्नविचार करने के फैसले पर हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बात करते हुए, आमिर खान ने एक साहसी निर्णय लिया है. इसके साथ, आमिर अब गुलशन कुमार की बायोपिक "मोगुल" में मुख्य भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिसे सुभाष कपूर द्वारा निर्देशित किया जाएगा.

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