NEET 2017: नीट रैंकिंग से ही होगा आयुष कोर्सेस में एडमिशन, अलग से नहीं होगी परीक्षा

सात मई को आयोजित की गयी परीक्षा में कुल 11,38,890 छात्र नीट में शामिल हुये थे जिसमें से 6,11,539 ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास किया. इनमें से 2,66,221 अभ्‍यार्थी पुरुष जबकि 3,45,313 महिलाएं हैं.

NEET 2017: नीट रैंकिंग से ही होगा आयुष कोर्सेस में एडमिशन, अलग से नहीं होगी परीक्षा

खास बातें

  • नीट रैंकिंग से ही बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस में दाखिले होंगे.
  • मेडिकल कॉलेजों में आयुष पाठ्यक्रमों की चार हजार के करीब सीटें हैं.
  • 7 मई को आयोजित की नीट में कुल 11,38,890 छात्र में शामिल हुये थे.

आयुष कोर्सेस में एडमिशन के लिए सी-पैट और आयुष नीट की अलग परीक्षाओं का इंतजार कर रहे स्‍टूडेंट्स को झटका लगा है. आयुर्वेद निदेशक ने आयुष कॉलेजों में एडमिशन को लेकर चल रही असमंजस को खत्‍म करते हुए आदेश जारी किया कि अब एमबीबीएस-बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित नीट (नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) रैंकिंग से ही बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस में दाखिले होंगे.

दरअसल पिछले साल केंद्र सरकार ने एमबीबीएस-बीडीएस की राज्य प्रवेश परीक्षा सीपीएमटी पर रोक लगा दिया था और मामला कोर्ट पहुंचने के बावजूद साल 2016 के सत्र में स्‍टूडेंट्स को नीट के जरिये ही दाखिला मिला.

सेशन 2017 में एलोपैथ यूजी पाठ्यक्रमों के लिए सात मई को फुल फ्लैश नीट का आयोजन हुआ. हालांकि आयुष कोर्सेस की प्रवेश परीक्षा को लेकर असमंजस बना रहा. यह हाल तब था जब केंद्र सरकार ने 31 जनवरी को ही राज्यों को पत्र भेजकर नीट संबंधी सुझाव मांगे थे.

11 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने लिया था नीट में हिस्‍सा :
सात मई को आयोजित की गयी परीक्षा में कुल 11,38,890 छात्र नीट में शामिल हुये थे जिसमें से 6,11,539 ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास किया. इनमें से 2,66,221 अभ्‍यार्थी पुरुष जबकि 3,45,313 महिलाएं हैं. आठ समलैंगिक भी परीक्षा में शामिल हुये थे जिसमें से पांच उतीर्ण हुए हैं.


नीट 2017 के टॉपर्स :
नीट 2017 में पंजाब के नवदीप सिंह टॉपर रहे हैं. नवदीप ने 700 अंक में से 697 नंबर हासिल किये. दूसरे और तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश के अरचित गुप्ता और मनीष मुलचंदानी रहे.
Newsbeep

मेडिकल में एडमिशन के लिए होता है नीट का आयोजन :
नीट का आयोजन मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में प्रवेश के लिए किया जाता है. इस परीक्षा के द्वारा उन कॉलेजों में प्रवेश मिलता है, जो मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया और डेटल कांउसिल ऑफ इंडिया के द्वारा संचालित किया जाता है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


चार हजार हैं आयुष कोर्सेस की सीटें
सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आयुष पाठ्यक्रमों की चार हजार के करीब सीटें हैं. इसमें सरकारी में बीएएमएस की 320, बीएचएमएस की 300, बीयूएमएस की 80 सीटे हैं. वहीं, निजी मेडिकल कॉलेजों में आयुष की 3600 के करीब सीटें हैं. पिछले साल इन कोर्सेस में एडमिशन के लिए 35 हजार से अधिक स्‍टूडेंट्स ने एग्‍जाम दिया था.