कर्नाटक का 'नाटक': मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- हमारी सरकार स्थिर, बीजेपी जानबूझ कर फैला रही है झूठ

Karnataka Live: कर्नाटक में हर दिन बदलते राजनीति (Karnataka Political Crisis) हालात के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने सोमवार को कांग्रेस पर उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था.

खास बातें

  • कर्नाटक में जारी है सियासी ड्रामा
  • कांग्रेस-JDS और भाजपा लगा रही हैं एक दूसरे पर आरोप
  • 18 जनवरी को कांग्रेस विधायकों की बैठक
नई दिल्ली:

कर्नाटक में सियासी घमासान (Karnataka Political Crisis)अब गुरुग्राम तक पहुंच गया है. बुधवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गुरुग्राम के उस होटल के बाहर प्रदर्शन किया जहां बीजेपी (BJP)के 104 विधायकों को रखा गया है. राज्य में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन (Kumaraswamy Govt) का आरोप है कि बीजेपी (BJP) राज्य में सत्ता परिवर्तन (Karnataka Political Crisis)के लिए उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश में जुटी है. बता दें कि बीते कुछ दिनों से कांग्रेस के पांच विधायक लापता है. कुछ दिन पहले उनके मुंबई में होने की बात सामने आई थी.  कर्नाटक में हर दिन बदलते राजनीति (Karnataka Political Crisis) हालात के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने सोमवार को कांग्रेस पर उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार उनके विधायकों को मंत्री बनाने का लालच दे रहे हैं.

 

Karnataka Political Crisis Updates: 

 

-कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बीजेपी पहले भी ऐसा कर चुकी है. चाहे बात लोटस ऑपरेशन की बात करें. उस दौरान येदियुरप्पा ने कोशिश की थी लेकिन वह सफल नहीं हुए थे. इस बार फिर से कोशिश की गई. इस बार बीजेपी के अध्यक्ष और बीजेपी की सरकार ने पूरी कोशिश की है. मैं बताना चाहूंगा कि हमारे 118 एमएलए हमारे साथ हैं. कोई कहीं जाने वाला नहीं है. जो वसूल लेकर वह आए वह उसी पर कायम है. लेकिन पेपर टीवी पर बीजेपी जानबूझकर अफवाह फैला रही है. वह झूठ में कह रही है कि उनके पास दस हैं 15 हैं लेकिन यह सिर्फ झूठ है. 

-उन्होंने काह कि मैं बताना चाहूंकि ऐसा कुछ नहीं है और वह सिर्फ लोगों को भ्रमित कर रहे हैं. मैंने खुद सीएम से बात की. उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है. सब झूठ बोल रहे हैं. दूसरा- केसी वेणुगोपाल से बात की. उन्होंने भी यही कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है. और वहां वरिष्ठ नेताओं से भी बात की. मैंनें जिला स्तर पर भी नेताओं से बात की. सभी ने एक साथ ऐसी किसी बात से इनकार किया है. 

-बीजेपी केंद्र सरकार की मदद से सिर्फ प्रेशर डाल रहे हैं. बीजेपी का हमेशा से काम रहा है कि मीडिया की मदद से घबराहट पैदा की जाए. मैं बता दूं कि यह कोशिश कभी कामयाब नहीं होगा. कांग्रेस की सरकार कर्नाटक में मजबूत है और वह चलेगी. तीसरी बात- यह कर्नाटकर में पहली बार नहीं हो रहा है. देश में बीजेपी में हमशा ऐसी कोशिश की है. चाहे बात गोवा की हो, हिमाचल की हो या फिर कहीं और की. वह हमेशा से ही जोड़-तोड़ कर सरकार बनाने में माहिर माने जाते हैं. लेकिन वह कर्नाटक में कामयाब नहीं हो पाएंगे. झूठ बोलने वालों पर कभी कोई भरोसा नहीं करता. मैं देश की जनता से अपील करूंगा कि वह देखें कि किस तरह से बीजेपी एक स्थाई सरकार में हलचल फैलाना चाह रही है. 

-कर्नाटक के मंत्री ज़मीर अहमद खान का कहना है, "आज कौन डरा हुआ है? अगर हम डरे हुए होते, तो हं अपने MLAs के साथ रिसॉर्ट में बैठे होते. लेकिन इस वक्त BJP है, जो अपने MLAs के साथ रिसॉर्ट में बैठी है. हां, (हमारे) 2-3 विधायक मुंबई में हैं. सभी वापस आ रहे हैं, और कल तक सब लौट आएंगे."

- कांग्रेस सांसद केएच मुनियप्पा ने कहा है, "जो भी साथ छोड़ गए हैं, उन सभी को लौटकर आने के लिए आमंत्रित करता हूं, और चिंता न करने के लिए कहता हूं... चुनाव जीतकर आने वाले दूसरी पीढ़ी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए... राहुल गांधी तथा केसी वेणुगोपाल आपकी तकलीफों से वाकिफ हैं, आपको अगले कैबिनेट विस्तार में मौका दिया जाएगा..."

- कर्नाटक कांग्रेस ने 18 जनवरी को अपने विधायकों की बैठक बुलाई है.

- कर्नाटक में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच खबर आ रही है कि मुंबई के रेनिसेन्स होटल में रूके कांग्रेस के तीन बाग़ी विधायक आज विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफ़ा भेज सकते हैं.

- सूत्रों के मुताबिक़ दो निर्दलीयों को छोड़ और 9 विधायक हैं जो बीजेपी के संपर्क में हैं.जिनमें 4 बाग़ी विधायक आज मुंबई पहुंच सकते हैं. इससे पहले मंगलवार को दो विधायकों ने कांग्रेस-जेडीएस सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया.

- जिन दो विधायकों ने विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफ़ा भेजा, उनमें केपीजेपी के विधायक और कर्नाटक के पूर्व वन पर्यावरण मंत्री आर शंकर और निर्दलीय एच नागेश शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक सरकार संकट में? कांग्रेस के 5 विधायक कर सकते हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस, 10 बड़ी बातें

- दूसरी ओर कांग्रेस-जेडीएस सरकार कह रही है कि सरकार को कोई ख़तरा नहीं है. कांग्रेस ने मुंबई के होटल में रूके अपने तीनों विधायकों को जल्द वापस बेंगलुरु लौटने को कहा है.

- इस पूरे मामले पर कांग्रेस के नेता एचके पाटिल ने कहा कि दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन वापस लेने का हमारी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी गैर-जिम्मेदाराना राजनीति कर रही है.

- इसी तरह, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि दो विधायकों के समर्थन वापिस लेने के मामले को ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए. यह सिर्फ मीडिया हाइप है.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में गरमाई राजनीति: दो विधायकों ने एचडी कुमारस्वामी की सरकार से वापस लिया समर्थन

- कर्नाटक में चल रही सियासी हलचल के बीच महाराष्ट्र से भाजपा के एक मंत्री ने दावा किया था कि कुमारस्वामी की सरकार दो दिन में गिर जाएगी.

-  महाराष्ट्र के जल संरक्षण, प्रोटोकॉल और ओबीसी मंत्री राम शिंदे ने किया था. उन्होंने मीडिया से कहा था कि कर्नाटक की जनता ने (2018 में) भाजपा के समर्थन में जनादेश दिया था, लेकिन हम (सरकार बनाने से) कुछ अंकों से कम रह गये. चूंकि कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन अस्थिर है, ऐसे में संकेत हैं कि (कुमारस्वामी) सरकार दो दिन में गिर जाएगी.'

- इस बीच, मीडियाकर्मियों ने उस आलीशान होटल में घुसने का नाकाम प्रयास किया था, जहां कर्नाटक के कुछ कांग्रेसी विधायकों को रखा गया है. 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

VIDEO: दो विधायकों ने लिया कर्नाटक सरकार से समर्थन वापस.