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आरे कॉलोनी मामला: मुंबई मेट्रो प्रमुख ने पेड़ों की कटाई को बताया जायज, कहा- विरोध करना एक प्रोपगेंडा का हिस्सा

भिड़े ने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि ट्री अथॉरिटी द्वारा जारी आदेश के बाद 15 दिन का नोटिस देना जरूरी है. मैं बताना चाहती हूं कि यह पूरी तरह से निराधार है.

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मुंबई :

मुंबई स्थित आरे कॉलोनी के जंगल से करीब तीन हजार पेड़ों की कटाई को रोकने को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच मुंबई मेट्रो प्रमुख अश्विनी भिड़े का बयान आया है. उन्होंने कहा कि पेड़ काटने की कार्रवाई कहीं से भी गैर-कानूनी नहीं है. जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वो झूठा प्रोपगेंडा फैलाने में लगे हैं. भिड़े ने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि ट्री अथॉरिटी द्वारा जारी आदेश के बाद 15 दिन का नोटिस देना जरूरी है. मैं बताना चाहती हूं कि यह पूरी तरह से निराधार है. उन्होंने कहा कि यह आदेश 13 सितंबर को जारी किया गया है. इस हिसाब से 18 सितंबर को 15 दिन का समय पूरा हो जाता है. हमनें इसके बाद ही कार्रवाई शुरू की है. इस तरह का गलत प्रचार एक झूठे प्रोपगेंडे के तहत किया जा रहा है.


बता दें कि मुंबई हाईकोर्ट द्वारा पेड़ों के काटे जाने पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका को खारिज करने के बाद बड़े स्तर पर स्थानीय लोग और कई पार्टियों के नेता पेड़ काटने का विरोध कर रहे हैं. इसी क्रम में आदित्य ठाकरे ने सरकार के इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार को अगर आरे कॉलोनी के जंगल की चिंता नहीं है तो उन्हें पर्यावरण बचाने को लेकर भी नहीं बोलना चाहिए. उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि आरे कॉलोनी के लोगों के साथ हमारे शिवसैनिक खड़ें हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि मुबंई मेट्रो मुंबईवासियों को अपराधी की तरह क्यों देख रही है और उनकी मांग को क्यों नहीं सुन रही.  

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गौरतलब है कि शुक्रवार की सुबह बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से आरे कॉलोनी में मेट्रो कारशेड बनाने के लिए 2702 पेड़ों को काटे जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने के बाद शुक्रवार रात 8 बजे से ही पेड़ों को काटना शुरू कर दिया गया. जो अभी तक जारी है. इसके खिलाफ पर्यावरण प्रेमियों ने आरे कॉलोनी पहुंचकर विरोध करना शुरू कर दिया है. पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार बीएमसी ने पेड़ों को काटने के लिए मिली अनुमति को अपने वेबसाइट पर नहीं डाला है और कानून के अनुसार वेबसाइट पर अनुमति की कॉपी को डालने के 15 दिनों के बाद पेड़ काटे जा सकते हैं. पेड़ काटने के खिलाफ जहां लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया तो वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री दिया मिर्ज़ा और नेता जिग्नेश मेवानी ने इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर आवाज़ उठाई.

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सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने भी आरे में पेड़ों की कटाई शुरू होने का विरोध किया साथ ही स्थति को चिंताजनक बताया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन से होने वाले गंभीर संकट सामने दिख रहे हैं. जब महाराष्ट्र सरकार की ओर पेड़ों को काटने और मेट्रो शेड के लिए दूसरी जगह न देखने की ज़िद काफी डराने वाली है ये पृथ्वी को लेकर एक अदूरदर्शिता है जो आगे हमे परेशान करेगी. वहीं, पुलिस ने आरे कॉलोनी के आसपास धारा 144 लागू, कई रास्तों पर नाकेबंदी भी की गई. पुलिस ने इलाके में कड़े सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.



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