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हाईकोर्ट ने उस मकान को गिराने का आदेश दिया जिसके लिए आकाश विजयवर्गीय ने की थी 'बैटिंग'

कोर्ट ने आदेश में कहा कि गंजी कंपाउंड के मकान को गिराना कानूनी तौर पर कहीं गलत नहीं, मगर नगर निगम इससे पहले किरायेदार के रहने की अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करे

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हाईकोर्ट ने उस मकान को गिराने का आदेश दिया जिसके लिए आकाश विजयवर्गीय ने की थी 'बैटिंग'

इंदौर में विधायक आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर मकान गिरवाने के लिए पहुंचे नगर निगम के अधिकारी को बैट से पीटा था.

खास बातें

  1. कोर्ट ने कहा- किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं हो सकती
  2. हाईकोर्ट ने इंदौर नगर निगम के कामकाज को सराहा
  3. कहा- तस्वीरों से साफ है कि मकान रहने लायक नहीं
इंदौर:

इंदौर में हाईकोर्ट ने शहर के उस जर्जर मकान को गिराने का रास्ता साफ कर दिया है जिसको लेकर विवाद होने पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) के बेटे और विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने नगर निगम अधिकारी की बैट से पिटाई की थी. कोर्ट ने आज दिए अपने आदेश में कहा कि कोर्ट को गंजी कंपाउंड के मकान को गिराना कानूनी तौर पर कहीं गलत नहीं लग रहा, मगर जर्जर भवन को गिराने से पहले उसमें रह रहे किरायेदार के लिए दो दिन में ही नगर निगम रहने की अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करे.

कोर्ट ने विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya)  द्वारा मारपीट की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं हो सकती है, फिर चाहे वह कोई भी हो. भारी बारिश में पुराने भवन गिरते हैं इसलिए यह कार्रवाई हो, मगर मानवीय तरीके से. कोर्ट ने नगर निगम से पूछा कि यदि वह रहने को मकान देगा तभी वादा करे. कोर्ट ने कहा कि बारिश में कोई बेघर न रहे.


इससे नगर निगम का बिल्डिंग को गिराने का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट ने नगर निगम के कामकाज को सराहा. कहा तस्वीरों से साफ है, मकान रहने लायक नहीं है. कोर्ट को इस मकान को गिराने में कानूनी नजर से कुछ गलत नहीं लग रहा.

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गौरतलब हौ कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने इंदौर में नगर निगम कर्मियों के साथ हाथापाई की थी. नगर निगम के जोनल अफसर धीरेंद्र बायस और असित खरे निगम की टीम के साथ जेल रोड के पास गंजी कंपाउंड में स्थित एक दो मंजिला खतरनाक मकान तोड़ने पहुंचे थे. इसमें करीब पांच परिवार रह रहे थे. वैसे तो सबने मकान खाली कर दिया था, लेकिन एक किरायेदार अफसरों से विवाद करने लगा. इतने में विधायक आकाश विजयवर्गीय और अफसरों से उनका विवाद हो गया.

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इंदौर तीन से विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने निगम अधिकारियों को समझाया कि अगर आप पांच मिनट में यहां से नहीं गए तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी. इस दौरान उन्होंने जेसीबी मशीन की चाबी भी निकाल ली. जब निगम कर्मी पीछे नहीं हटे तो आकाश अपने हाथ में बल्ला लेकर उनकी पिटाई करते दिखे. विवाद इतना बढ़ा कि विधायक ने बैट उठा लिया और निगम अफसर धीरेंद्र बायस को दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया. उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने भी अफसर से मारपीट की.इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हो गया.

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इस घटना के बाद आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) को गिरफ्तार कर लिया गया था. आकाश के खिलाफ थाना एमजी रोड में धारा 353, 294, 506, 147, 148 के तहत मामला दर्ज किया गया है. आकाश विजयवर्गीय को जमानत मिल गई है. दूसरी तरफ इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सवाल उठाए और कार्रवाई किए जाने की बात कही. इसके बाद आकाश विजयवर्गीय पर उनकी पार्टी बीजेपी की ओर से कड़ी कार्रवाई किए जाने के आसार बन गए हैं.

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