NDTV Khabar

स्कूल में रोज पढ़ाई करने आती है लंगूर, टीचर बोले- 'किताबें पढ़ती है और बच्चों के साथ लंच करती है...'

आंध्र प्रदेश के वेंगालामपल्ली गांव के सरकारी स्कूल में एक स्पेशल स्टूडेंट पढ़ाई करने आती है.किताब देखकर पढ़ाई करती है और बच्चों के साथ खेलती है और उन्हीं के साथ लंच भी करती है. ये कोई दूसरी स्टूडेंट हीं बल्कि दो साल की मादा लंगूर है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
स्कूल में रोज पढ़ाई करने आती है लंगूर, टीचर बोले- 'किताबें पढ़ती है और बच्चों के साथ लंच करती है...'

आंध्र प्रदेश के वेंगालामपल्ली गांव के सरकारी स्कूल में एक स्पेशल स्टूडेंट पढ़ाई करने आती है. स्कूल के हेडमास्टर सयैद अब्दुल लतीफ खान का कहना है- '60 स्टूडेंट्स स्कूल के खराब इंफ्ररास्ट्रक्चर और टीचर्स की कमी के कारण नहीं आते हैं. यहां पर सिर्फ दो ही टीचर्स हैं.' लेकिन पिछले दो हफ्तों से एक महमान पढ़ने आ रही है. वो रोज क्लास अटैंड करती है, किताब देखकर पढ़ाई करती है और बच्चों के साथ खेलती है और उन्हीं के साथ लंच भी करती है. ये कोई दूसरी स्टूडेंट हीं बल्कि दो साल की मादा लंगूर है, जो स्कूल की स्टार बन चुकी है.

थाने की पेटी में चिट्ठी डालकर भागी 15 साल की लड़की, लिखा था- '6 महीने से पिता कर रहा है रेप और...'

लतीफ खान ने Hindustantimes से बात करते हुए बताया- 'पास के ही जंगल से तीन लंगूर आए थे. जिसमें दो लंगूरों की एक्सीडेंट में मौत हो गई, वहीं एक मादा लंगूर स्कूल आ गई.' 5 से 10 साल तक के बच्चे शुरुआत में इससे काफी डरते थे, लेकिन अब वो मादा लंगूर के दोस्त बन चुके हैं. बच्चे उसे लक्ष्मी बुलाते हैं और वो सुनकर प्रतिक्रिया देती है.'


आनंद महिंद्रा ने धारा 370 खत्म होने के बाद लिखी ऐसी बात, बोले- 'यह पहले क्यों नहीं हुआ?'

हेडमास्टर खान ने कहा- 'लंगूर पहले दिन से ही अच्छा व्यवहार कर रही है. वो रोज सुबह प्रेयर अटेंड करती है, बाकी स्टूडेंट्स के साथ क्लास में बैठती है, बिना किसी को परेशान किए किताबें पढ़ती है. किताब में अगर दिलचस्प फोटो दिखती है तो वो उंगली रख देती है और गौर से देखने लगती है. फिर दूसरा पन्ना पलटाकर देखती है.'

Gujarat में अनोखे अंदाज में मनाया गया धारा 370 खत्म होने का जश्न, स्कूल के बच्चों ने किया ऐसा

खान ने कहा- 'उसे ब्लेकबोर्ड पर लिखने के लिए चॉक दी जाती है तो वो घसीटती है और फिर चॉक को मुंह में रख लेती है. जिसे तुरंत निकालना पड़ता है क्योंकि अगर वो चॉक को खाएगी तो उसके पेट में परेशानी हो जाएगी.'

टिप्पणियां

कुत्ते को शैम्पू लगाने के लिए दो चिंपाजी ने किया ऐसा काम, देखकर आप भी हंस-हंसकर लोट-पोट हो जाएंगे

खान ने कहा- 'शुरुआत में टीचर्स को लगा कि लंगूर बच्चों को परेशान करेगा. जिसके लिए गेट बंद कर दिया जाता था. लंगूर खिड़की पर बैठकर लेक्चर्स को सुनती थी. जिसके बाद उसे अंदर दाखिल कर दिया गया और उसके लिए कोई पाबंदी नहीं लगाई गई.' बाकी स्टूडेंट्स को मिड-डे मील दिया जाता है. स्कूल ने लक्ष्मी के खाने के लिए केले और अन्य फल की व्यवस्था की है. जिसे वो बाकी स्टूडेंट्स के साथ रोज खाती है. हेडमास्टर ने बताया कि लक्ष्मी के आने के बाद स्कूल की अटेंडेंस 100 प्रतिशत हो गई है. जिसका पूरा श्रेय लक्ष्मी को ही जाता है.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement