Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
NDTV Khabar

राहुल गांधी की टिप्पणी पर पत्रकार संगठनों का फूटा गुस्सा, बीजेपी और कांग्रेस के बीच शुरू हुआ वीडियो वार

राहुल गांधी की यह टिप्पणी पत्रकार संगठनों को रास नहीं आ रही है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
राहुल गांधी की टिप्पणी पर पत्रकार संगठनों का फूटा गुस्सा, बीजेपी और कांग्रेस के बीच शुरू हुआ वीडियो वार

राहुल गांधी की टिप्पणी पर पत्रकारों ने जताई नाराजगी

खास बातें

  1. राहुल गांधी के बयान पर पत्रकार संगठन नाराज
  2. एडिटर गिल्ड ने दर्ज कराई आपत्ति
  3. दोनों पार्टियों के बीच शुरू हुआ वीडियो वार
नई दिल्ली:

साल 2019 के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साक्षात्कार करने वाली वरिष्ठ महिला पत्रकार पर राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी पर पत्रकार संगठनों ने नाराजगी जताई है. संगठनों ने कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान पर माफी की मांग की है. बता दें कि राफेल मुद्दे को लेकर बुधवार को राहुल गांधी एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार एएनआई एडिटर स्मिता प्रकाश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा उनके (मोदी) अंदर इतना सामर्थ्य नहीं कि वह यहां आकर बैठे और लोगों के सवालों का जवाब दें. जबकि मैं यहां मौजूद हूं आप जो चाहें सवाल कर सकते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आपने कल (मंगलवार) प्रधानमंत्री का इंटरव्यू देखा ही होगा. उन्होंने इसके लिए 'लचीला' (pliable) शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सवाल पूछने वाली पत्रकार खुद ही जवाब दे रही थी. 

'लगता है कि पीएम मोदी परीक्षा से भागे': LPU के छात्रों से बोले राहुल- अब आप ही पूछना मेरे 4 सवालों के जवाब


राहुल गांधी की यह टिप्पणी पत्रकार संगठनों को रास नहीं आ रही है. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए गुरुवार को कहा कि स्वस्थ और सभ्य आलोचना से किसी छूट का दावा नहीं करना चाहिए लेकिन साथ ही उन पर किसी तरह का ठप्पा लगाना पत्रकारों की गरिमा कम करने और उन्हें धमकाने के तौर पर सामने आया है. वहीं नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (इंडिया) से संबद्ध दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीजेए) को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई टिप्पणी 'लचीला' (pliable) के इस्तेमाल पर कोई आश्चर्य नहीं है. गुरुवार डीजीए द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में, अध्यक्ष मनोहर सिंह और महासचिव प्रमोद कुमार ने कहा कि एक पत्रकार के साथ सिर्फ इसलिए बुरा बर्ताव करना क्योंकि उसने एक प्रतिद्वंदी पार्टी के नेता का साक्षात्कार किया है, गलत बात है और मैसेंजर को दबाने जैसा है. 

अरुण जेटली का राहुल गांधी पर हमला: 'आपातकाल की तानाशाह' के पोते ने दिखाया अपना असली DNA, छद्म उदारवादी चुप क्यों हैं?

एडिटर्स गिल्ड ने अपने बयान में कहा कि हमने देखा कि हमारे नेता इसका कुछ समय से इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल फिलहाल में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ आप के नेताओं ने पत्रकारों के लिए प्रेस्टीच्यूट, खबरों के कारोबारी, बाजारू और दलाल जैसे अपमानजनक शब्दों का स्पष्ट तौर पर इस्तेमाल किया है. इसके अलावा इस मसले पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच वीडियो वार भी शुरू हो गया है. राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद अरुण जेटली ने निशाना साधा तो कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर  pliable शब्द का इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो जारी किया गया जिसमें पीएम मोदी के पूर्व के कुछ इंटरव्यू की क्लिप्स थी. 

इसके बाद बीजेपी के अमित मालवीय ने भी राहुल गांधी के इंटरव्यू की एक क्लिप जारी करते हुए कहा कि जिस पत्रकारिता की बात आप कर रहे हैं, ये क्लिप उसकी बानगी है. 

टिप्पणियां

राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे 4 सवाल लेकिन तीसरा गायब. यूजर ने पूछा- मोदी और अंबानी ने किडनैप कर लिया क्या?

Video: लोकसभा में राफेल की कीमतों पर राहुल गांधी और अरुण जेटली के बीच बहस



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... IND vs AUS: अजीबोगरीब तरह से आउट हुईं हरमनप्रीत कौर, देखकर कीपर ने पकड़ लिया सिर, देखें Video

Advertisement