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श्रीनगर में 190 स्कूल खुले, जानें- अनुच्छेद 370 हटने के दो हफ्ते बाद कैसे हैं घाटी में हालात

श्रीनगर के जिन क्षेत्रों में स्कूलों को घोला जा रहा है उसमें लासजान, सागरी, पथचौक, नौकाम, राजबाग, जवाहर नगर, गगरीबल, धारा, थीड, बाटमालू और शल्टिंग शामिल हैं.

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श्रीनगर में 190 स्कूल खुले, जानें- अनुच्छेद 370 हटने के दो हफ्ते बाद कैसे हैं घाटी में हालात

जम्मू-कश्मीर में हटाई जा रही है पाबंदियां

खास बातें

  1. जम्मू-कश्मीर में प्रशासन दे रहा है ढील
  2. कई जगहों पर खोले गए स्कूल
  3. जम्मू में भी हालात पहले से सामान्य
नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 में बदलाव के बाद ऐहतियातन बंद किए श्रीनगर के 190 प्राइमरी स्कूल आज से खोले गए हैं.स्कूल खुलने के साथ ही पिछले कई दिनों से घरों में क़ैद बच्चे अब स्कूलों की रौनक बढ़ाते नज़र आएंगे.हांलाकि सीनियर क्लासेज के स्कूलों को खोलने का फ़ैसला हालात की समीक्षा के बाद ही होगा. इन सब के बीच हर हालात से निपटने के लिए सेना समेत अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट रहने को कहा गया है. श्रीनगर के जिन क्षेत्रों में स्कूलों को खोला जा रहा है उसमें लासजान, सागरी, पथचौक, नौकाम, राजबाग, जवाहर नगर, गगरीबल, धारा, थीड, बाटमालू और शल्टिंग शामिल हैं. प्रशासन के मुताबिक स्थिति सामान्य होते ही धीरे-धीरे अन्य क्षेत्रों के स्कूलों में बी पढ़ाई शुरू हो जाएगी. स्कूलों के खुलने के साथ ही घाटी में दूसरी पाबंदियों में भी लगातार ढील दी जा रही है.

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कश्मीर घाटी के 50 पुलिस थाना क्षेत्रों में रविवार को प्रतिबंधों में ढील दी गयी. हालांकि, श्रीनगर के कुछ हिस्सों में हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बाद प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया गया है. इस बीच, जम्मू क्षेत्र के पांच जिलों में इंटरनेट सेवाओं की बहाली के एक दिन बाद इसे फिर से बंद कर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि 300 हज जायरीनों का पहला जत्था रविवार को सउदी अरब से कश्मीर वापस लौटा. उन्होंने बताया कि जायरीनों की सुरक्षित घर वापसी के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए थे. सरकारी प्रवक्ता रोहित कंसल ने यहां रविवार की शाम संवाददाताओं को बताया कि निषेधाज्ञा में ढील देने की प्रक्रिया जारी है . प्रदेश के 50 पुलिस थाना क्षेत्रों में आज प्रतिबंधों में ढील दी गयी जबकि कल 35 थाना क्षेत्रों में ऐसा किया गया था. कंसल ने बताया कि सोमवार से नया हफ्ता शुरू हो रहा है और हम इसे नई आशा के साथ देख रहे हैं. उन्होंने बताया कि अकेले श्रीनगर में 190 से अधिक प्राथमिक स्कूल सोमवार से दोबारा खुल रहे हैं और इसके बाद हम दूसरे क्षेत्रों की ओर देख रहे हैं, जहां हम विकास से संबंधित गतिविधि शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं.

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कंसल ने कहा कि रविवार को छूट की अवधि भी छह घंटे से बढ़ाकर आठ घंटे कर दी गई. छूट की घोषणा करने से लोगों और दुकानदारों को पहले से योजना बनाने में मदद मिली. कल की प्रतिक्रिया के मद्देनजर और व्यापारियों द्वारा अनुरोध को ध्यान में रखते हुए छूट के घंटों में वृद्धि की गई है. यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी . सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कुछ इलाकों में कुछ शरारती तत्वों द्वारा दुकानदारों के साथ गुंडागर्दी करने और उनकी दुकानों को बंद करने की खबरें थीं. उन्होंने बताया कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने इसका संज्ञान लिया है. जिन इलाकों में प्रतिबंधों में छूट दी गयी है उन क्षेत्रों में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

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हालांकि, गड़बड़ी की दो-तीन घटनाओं की खबरें है जिसमें दो व्यक्ति घायल हुए हैं और जिनकी हालत स्थिर बतायी गई है. घाटी में मोबाइल फोन सेवाओं की बहाली के मुद्दे पर, कंसल ने कहा कि संचार पर प्रतिबंधों में ढील जारी है और प्रयास है कि लैंडलाइन टेलीफोन सेवाओं को जल्द से जल्द पूरी तरह से बहाल किया जाए. इससे पहले, अधिकारियों ने कहा कि एक दिन पहले हिंसक घटनाओं की खबरों के बाद रविवार को श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध कड़े कर दिए गए . उन्होंने बताया कि घाटी के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंध आज रविवार को 14 वें दिन भी जारी रहा . शहर के कुछ स्थानों समेत घाटी में विभिन्न स्थानों में शनिवार को प्रतिबंधों में ढील दी गयी थी, जहां कुछ गड़बड़ी की घटनायें हुईं. इसके बाद कुछ इलाकों में पुन: प्रतिबंध लगा दिया गया . लगभग एक दर्जन स्थानों पर प्रदर्शन किया गया जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए . उन्होंने बताया कि घायलों की वास्तविक संख्या की जानकारी उपलब्ध नहीं है .

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शनिवार की शाम घाटी में छह स्थानों पर प्रदर्शन किया गया जिसमें आठ लोग घायल हो गए थे . शहर के कई इलाकों में लैंडलाइन टेलीफोन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं और यह प्रक्रिया जारी है . रविवार को कुछ निजी वाहनों को शहर के सिविल लाइंस इलाकों में और घाटी के दूसरे जिला मुख्यालयों में सड़कों पर देखा गया . उन इलाकों में कुछ दुकानें भी खुली हुई हैं. जम्मू क्षेत्र में, कम गति वाले 2 जी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को एक बार फिर से पांच जिलों में रविवार को बंद कर दिया गया, ताकि इन सेवाओं को बहाल करने के एक दिन बाद अफवाह फैलाने वालों की जांच की जा सके. इन सब के बीच, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों ने संबंधित सेवा प्रदाताओं को दोपहर से पहले इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के लिए कहा . शांति एवं धैर्य बनाये रखने तथा अफवाह फैलाने वालों की जांच करने के लिए यह निर्णय किया गया है. लगभग एक पखवाड़े तक निलंबित रहने के बाद शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि को जम्मू क्षेत्र के पांच जिलों - जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी - में कम गति वाली मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं थीं.

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जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने तथा राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेश में बांटने से पहले चार अगस्त को मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया था . सरकार की ओर से यह कदम उठाये जाने से कुछ घंटे पहले पूरे प्रदेश में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू कर दिये गए थे. हालांकि, प्रतिबंधों में बाद में ढील दी गयी थी . पांच जिलों में 2 जी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को फिर से शुरू करने के तुरंत बाद, जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक मुकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर फर्जी संदेश या वीडियो प्रसारित करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. 

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बता दें कि  जम्मू में रविवार को पांच जिलों में कम गति की 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है. एक दिन पहले ही इन सेवाओं को बहाल किया गया था. अधिकारियों ने लोगों को अफवाहों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि क्षेत्र में हालात शांतिपूर्ण हैं. जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मुकेश सिंह ने कहा कि तकनीकी कारणों से 2जी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं और तकनीकी खामियों का पता लगाया जा रहा है व जल्द से जल्द सेवाओं की बहाली सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं. इससे पहले एक पुलिस अधिकारी ने कहा था कि अफवाहों को फैलने से रोकने और शांति बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया. जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में जम्मू की जिला विकास आयुक्त सुषमा चौहान और जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तेजिंदर सिंह ने कहा कि जिले के किसी भी हिस्से में किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है.

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उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. चौहान ने कहा कि धारा 144 दोबारा लागू करने और स्कूल बंद किये जाने की अफवाहें पूरी तरह से निराधार हैं. उन्होंने कहा कि सभी स्कूल सोमवार को सामान्य रूप से संचालित रहेंगे. चीजें बिल्कुल सामान्य हैं और सभी नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे किसी भी आधारहीन और असत्यापित डेटा या सूचना को न फैलाकर जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने में योगदान दें, क्योंकि ऐसा करना भी दंडनीय अपराध होगा. एसएसपी ने लोगों से अनुरोध किया कि वे गलत सूचना फैलाने वाले लोगों को तुरंत उनके ध्यान में लाएं. 

VIDEO: घाटी से धीरे-धीरे हट रही है पाबंदियां.  

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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