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भोपाल से BJP उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर पर चला चुनाव आयोग डंडा, प्रचार करने पर 3 दिन की लगाई रोक, जानें पूरा मामला

चुनाव आयोग आदेश के अनुसार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya Singh Thakur) अगले तीन दिनों तक किसी तरह के चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले पाएंगी.

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भोपाल से BJP उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर पर चला चुनाव आयोग डंडा, प्रचार करने पर 3 दिन की लगाई रोक, जानें पूरा मामला
नई दिल्ली:

चुनाव आयोग ने भापोल से बीजेपी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya Singh Thakur) पर प्रतिबंध लगा दिया है. चुनाव आयोग ने यह फैसला साध्वी प्रज्ञा के उस बयान के वायरल होने के बाद लिया है जिसमें वह बाबरी मस्जिद तोड़ने की बातें साझा कर रही हैं. चुनाव आयोग आदेश के अनुसार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya Singh Thakur) अगले तीन दिनों तक किसी तरह के चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले पाएंगी. बता दें इस बयान को लेकर बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya Singh Thakur) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya Thakur) के खिलाफ यह कार्रवाई बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान पर दर्ज किया गया था. ध्यान हो कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने बीते दिनों टेलीविजन चैनल 'टीवी 9' को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि वह 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने वाले लोगों में से थीं और इस पर उन्हें गर्व है.

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उन्होंने कहा था कि प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था, 'बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है, ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं. हमारे प्रभु रामजी के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया.' मालेगांव ब्लास्ट में आरोपी प्रज्ञा ठाकुर ने आगे कहा, 'हम गर्व करते हैं, इस पर हमारा स्वाभिमान जागा है, प्रभु राम जी का भव्य मंदिर भी बनाएंगे. ढांचा तोड़कर हिंदुओं के स्वाभिमान को जागृत किया है. वहां भव्य मंदिर बनाकर भगवान की आराधना करेंगे, आनंद पाएंगे.' प्रज्ञा ने इससे पहले मुंबई के एटीएस प्रमुख रहे और आतंकवादियों की गोली से शहीद हुए हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया था. मामले के तूल पकड़ने पर उन्होंने बयान वापस लेते हुए माफी भी मांग ली थी.

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दरअसल, साध्वी प्रज्ञा ने शनिवार को भोपाल में कैंपेन के दौरान एक टीवी चैनल पर बाबरी मस्जिद को लेकर यह टिप्पणी की थी और इसकी वजह से एक बार फिर बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना राजनीतिक गलियारों में ताजा हो गई थी. टीवी चैनल से साध्वी प्रज्ञा ने कहा था, 'राम मंदिर निश्चित रूप से बनाया जाएगा. यह एक भव्य मंदिर होगा.' यह पूछे जाने पर कि क्या वह राम मंदिर बनाने के लिए समयसीमा बता सकती हैं, तो प्रज्ञा ने कहा, 'हम मंदिर का निर्माण करेंगे. आखिरकार, हम ढांचा (बाबरी मस्जिद) को ध्वस्त करने के लिए भी तो गए थे.' साध्वी प्रज्ञा ने बाबरी मस्जिद में अपनी अहम भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा, 'मैंने ढांचे पर चढ़कर तोड़ा था. मुझे गर्व है कि ईश्वर ने मुझे अवसर दिया और शक्ति दी और मैंने यह काम कर दिया. अब वहीं राम मंदिर बनाएंगे.' 

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साध्वी के इस बयान के चंद घंटों के अंदर ही चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस थमा दिया था. नोटिस दिए जाने से पहले सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए एक अडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि एक-दूसरे के प्रति जो ढेरों शिकायतें मिल रही हैं वे इस ओर साफ-साफ इशारा कर रही हैं कि नेता भड़काऊ और विवादित बयान दे रहे हैं, जिससे समाज में नफरत और असंगति फैल सकती है. 

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इससे पहले भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने हाल ही में 26/11 मुंबई हमले के जिक्र के दौरान मुंबई के तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया था कि उन्होंने करकरे से कहा था कि तुम्हारा सर्वनाश होगा. इसके बाद प्रज्ञा की टिप्पणी पर खूब विवाद हुआ. बाद में उन्हें अपने बयान वापस भी लेने पड़े. 

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कि साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान में कहा था कि उन्हें अपने आप पर गर्व है कि उन्होंने बाबरी मस्जित ढहाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी. गौरतलब है कि इस लोकसभा चुनाव में साध्वी प्रज्ञा पहली ऐसी उम्मीदवार नहीं है जिनपर चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए प्रचार करने से रोका हो. इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान पर भी आयोग ने 48 घंटे का प्रतिबंध लगाया है. 



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