अब गठबंधन में भविष्य तलाशने लगी आम आदमी पार्टी की राजनीति

पंजाब में राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन करने की कोशिश में

अब गठबंधन में भविष्य तलाशने लगी आम आदमी पार्टी की राजनीति

आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव मेें बसपा से गठबंधन करने की कोशिश कर रही है.

खास बातें

  • आप के पंजाब के मुखिया भगवंत मान ने आलाकमान को प्रस्ताव भेजा
  • पंजाब में करीब 34% दलित आबादी पर आम आदमी पार्टी की नजर
  • पंजाब में 2014 में आम आदमी पार्टी को 24.4% फीसदी वोट मिले थे
नई दिल्ली:

कभी देश की सभी राजनीतिक पार्टियों को बेकार और नकारा बताकर जन्म लेने वाली और राजनीति बदलने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) आज पूरी तरह से गठबंधन की राजनीति के सहारे अपना भविष्य तलाशती नजर आ रही है. ताजा मामला पंजाब का है जहां पर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी AAP बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहती है.

सूत्रों के मुताबिक दोनों पार्टियों में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है और एक से दो दिनों में किसी ऐलान की संभावना है. पंजाब में आम आदमी पार्टी अपने पांच उम्मीदवारों का ऐलान पहले कर चुकी है ऐसे में बाकी बची 8 लोकसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी बसपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ना चाहती है.

आम आदमी पार्टी के पंजाब के मुखिया भगवंत मान के मुताबिक 'पार्टी पंजाब में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहती है. इसके लिए आलाकमान को प्रस्ताव भेजा जा चुका है.

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दरअसल पंजाब में करीब 34% दलित आबादी मानी जाती है. आम आदमी पार्टी पंजाब में विधानसभा चुनाव के समय से ही राज्य के दलित मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में लगी है. आम आदमी पार्टी ने 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में वादा किया था कि अगर उसकी सरकार बनी तो राज्य में उप मुख्यमंत्री एक दलित होगा. हालांकि पार्टी पंजाब में सरकार नहीं बना पाई. लेकिन अगस्त 2018 में पार्टी ने हरपाल सिंह चीमा को नेता विपक्ष बनाया, जो एक दलित हैं.

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पंजाब में लोकसभा चुनाव 2014 में आम आदमी पार्टी को 24.4% फीसदी वोट मिले और उसने चार लोकसभा सीटें जीती थीं. जबकि विधानसभा चुनाव 2017 में 23.72% वोट हासिल किए थे और 20 सीटें जीती थीं. जबकि बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2014 में 1.91% और विधानसभा चुनाव में 1.52% वोट हासिल किए थे. आम आदमी पार्टी को लगता है कि पंजाब में दलित मतदाताओं के पास विकल्प नहीं था इसलिए उनको मजबूरन कांग्रेस या शिरोमणि अकाली दल/बीजेपी गठबंधन को वोट देना पड़ता था लेकिन अब जब आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो दलितों के पास एक बेहतर विकल्प होगा जिससे बड़ी संख्या में वह आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को वोट करेंगे.

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केवल पंजाबी ही नहीं आम आदमी पार्टी हरियाणा में भी गठबंधन के लिए दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी से बातचीत कर रही है. जींद के उपचुनाव में पार्टी ने जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला को समर्थन भी दिया था और खुद केजरीवाल ने उनके लिए प्रचार भी किया था.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी कांग्रेस से गठबंधन करना चाहती है लेकिन फिलहाल कांग्रेस के लिए तैयार नहीं दिख रही. आम आदमी पार्टी के दिल्ली के मुखिया गोपाल राय खुले तौर पर यह कह चुके हैं कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में कांग्रेस से गठबंधन को तैयार थी लेकिन कांग्रेस के अहंकार के कारण यह गठबंधन नहीं हो सका. लेकिन दिल्ली के सियासी गलियारे में चर्चा बनी हुई है कि हो सकता है आने वाले समय में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में कोई सहमति बन जाए और दिल्ली में दोनों बीजेपी को हराने के लिए मिलकर चुनाव लड़ें.

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आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी ने तय किया है कि वह देश की कुल 33 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इसमें दिल्ली में 7, पंजाब में 13, हरियाणा में 10, गोवा में 2 और एक सीट चंडीगढ़ की होगी.